एक बड़े राजनीतिक फैसले में आम आदमी पार्टी (AAP) ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता के पद से हटा दिया है। यह फैसला पार्टी के भीतर संभावित मतभेदों की ओर संकेत करता है। AAP ने अब अशोक मित्तल को उच्च सदन में नया उपनेता नियुक्त किया है।
राज्यसभा को आधिकारिक सूचना
पार्टी ने इस फैसले की जानकारी आधिकारिक पत्र के माध्यम से राज्यसभा सचिवालय को दी है। पत्र में यह भी अनुरोध किया गया है कि चड्ढा को संसद में बोलने का समय न दिया जाए।
AAP के वर्तमान में राज्यसभा में 10 सदस्य हैं। इनमें से सात पंजाब से और तीन दिल्ली से हैं।
हाल के महीनों में पार्टी लाइन से दूरी
पिछले कुछ महीनों में चड्ढा पार्टी के मुख्य राजनीतिक एजेंडे से कुछ दूर नजर आए। 2025 के दिल्ली चुनाव में AAP की हार के बाद उन्होंने जनहित से जुड़े मुद्दों पर अधिक ध्यान दिया।
उन्होंने पेड पैटरनिटी लीव और एयरपोर्ट पर महंगे खाने जैसे मुद्दों को उठाया। इसके अलावा उन्होंने गिग वर्कर्स के अधिकारों और भारत के बड़े शहरों में बढ़ती ट्रैफिक समस्या पर भी चिंता जताई।
संसद में चड्ढा ने मासिक धर्म स्वच्छता को भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा बताते हुए इसे स्वास्थ्य, शिक्षा और समानता से जुड़ा विषय बताया।
हालांकि पार्टी के प्रमुख मुद्दों पर उनकी चुप्पी ने कई सवाल खड़े किए। जब असम के लिए पार्टी के स्टार प्रचारकों की सूची में उनका नाम शामिल नहीं किया गया, तो उनके पार्टी छोड़ने की अटकलें और तेज हो गईं।
फैसले के पीछे संभावित कारण
AAP ने आधिकारिक तौर पर यह नहीं बताया है कि चड्ढा को पद से क्यों हटाया गया। हालांकि रिपोर्टों के मुताबिक यह फैसला अनुशासनहीनता और पार्टी लाइन का पालन न करने के आरोपों से जुड़ा हो सकता है।
यह भी उल्लेखनीय है कि चड्ढा ने हाल ही में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया से जुड़े घटनाक्रम पर कोई टिप्पणी नहीं की। दोनों को शराब आबकारी नीति से जुड़े एक मामले में बरी कर दिया गया था।
अशोक मित्तल ने इसे सामान्य बदलाव बताया
अशोक मित्तल ने चड्ढा के पार्टी छोड़ने की अफवाहों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि AAP में नेतृत्व परिवर्तन सामान्य बात है।
उन्होंने समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI) से कहा, “पहले एन.डी. गुप्ता जी उपनेता थे, फिर राघव जी ने यह जिम्मेदारी संभाली और अब मुझे यह जिम्मेदारी दी गई है। कल किसी और को भी यह मौका मिल सकता है।”
उन्होंने आगे कहा, “पार्टी चाहती है कि हर सांसद और नेता अलग-अलग भूमिकाओं में काम करके अनुभव हासिल करे। मुझे यह जिम्मेदारी प्रशासनिक और राजनीतिक कौशल विकसित करने के लिए दी गई है।”
मित्तल का राजनीतिक पृष्ठभूमि
अशोक मित्तल पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं। वे अप्रैल 2022 में राज्यसभा के लिए चुने गए थे। तब से वे रक्षा और वित्त सहित कई महत्वपूर्ण संसदीय समितियों का हिस्सा रहे हैं।
फरवरी 2026 में उन्हें इंडिया-यूएस पार्लियामेंट्री फ्रेंडशिप ग्रुप का सदस्य भी बनाया गया था।
AAP में चड्ढा की राजनीतिक यात्रा
राघव चड्ढा शुरुआत से ही AAP से जुड़े रहे हैं। उन्होंने 2012 में अरविंद केजरीवाल के साथ दिल्ली लोकपाल बिल पर काम करते हुए अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की।पार्टी में वे तेजी से आगे बढ़े। 2015 के दिल्ली चुनाव में AAP की जीत के बाद चड्ढा राष्ट्रीय प्रवक्ता बने और बाद में पार्टी के सबसे युवा कोषाध्यक्ष भी बने।
चड्ढा ने 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में राजेंद्र नगर सीट से जीत हासिल की। वे दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष भी रहे। 2022 में वे राज्यसभा के सबसे युवा सदस्यों में से एक बने। 2023 में उन्हें उच्च सदन में पार्टी का नेता नियुक्त किया गया, जहां उन्होंने संजय सिंह की जगह ली।
