संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े प्रमुख सैन्य ढांचे को निशाना बनाते हुए इस्फहान पर एक शक्तिशाली हवाई हमला किया। यह हमला वॉशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव में तेज़ बढ़ोतरी का संकेत है।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह हमला एक कड़े सुरक्षा वाले ठिकाने पर किया गया। सेना ने भूमिगत लक्ष्यों को नष्ट करने और ईरान की रणनीतिक क्षमताओं को कमजोर करने के लिए बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल किया।
ट्रंप ने साझा किया हमले का वीडियो
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस अभियान का एक वीडियो साझा किया। फुटेज में रात के आसमान में बड़े धमाके होते दिखाई दिए। लक्षित क्षेत्र से आग की लपटें और मलबा उठता नजर आया।
मिशन को सफल बताते हुए ट्रंप ने कहा, “हमने अपना बहुत सफल हमला पूरा कर लिया है,” और यह भी जोड़ा कि “मुख्य ठिकाने पर बमों का पूरा पेलोड गिराया गया।” यह वीडियो तेजी से ऑनलाइन फैल गया और पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट तथा तबाही के स्तर पर वैश्विक ध्यान खींचा।
Donald J. Trump Truth Social Post of Video 08:50 PM EST 03.30.26 President Trump just posted new uncensored video of a gigantic blast pic.twitter.com/klA2zTJpRQ
— Commentary Donald J. Trump Posts From Truth Social (@TrumpDailyPosts) March 31, 2026
इस्फहान क्यों है महत्वपूर्ण
इस्फहान ईरान की रक्षा व्यवस्था में अहम भूमिका निभाता है। इस शहर में प्रमुख परमाणु सुविधाएं हैं, जिनमें यूरेनियम प्रोसेसिंग और ईंधन उत्पादन इकाइयां शामिल हैं। यहां मिसाइल निर्माण केंद्र और भूमिगत सैन्य ठिकाने भी मौजूद हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान ने इन सुविधाओं को हमलों से बचाने के लिए गहराई में भूमिगत बनाया है। इसी वजह से अमेरिका ने बंकर-बस्टर बमों का उपयोग किया, जो मजबूत संरचनाओं को भेद सकते हैं।
वृहद सैन्य अभियान का हिस्सा
इस्फहान पर हमला ईरान के सैन्य और परमाणु ठिकानों के खिलाफ अमेरिका के बड़े अभियान का हिस्सा है। हाल के हफ्तों में ईरान के कई स्थानों पर हमले हुए हैं। इन अभियानों का उद्देश्य ईरान की सैन्य शक्ति को कमजोर करना है, लेकिन इससे क्षेत्र में तनाव भी बढ़ गया है।
वैश्विक चिंताएं बढ़ीं
इस संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर भी पड़ा है। साथ ही मध्य पूर्व में व्यापक युद्ध की आशंकाएं बढ़ गई हैं। कई देशों को तेल आपूर्ति मार्गों में बाधा और क्षेत्रीय स्थिरता पर इसके प्रभाव को लेकर चिंता है, क्योंकि स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है।
