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ईरान से जुड़े हैकरों ने स्ट्राइकर को बनाया निशाना, बड़े साइबर हमले का मामला
अमेरिकी मेडिकल टेक्नोलॉजी कंपनी स्ट्राइकर (Stryker) के सिस्टम को एक साइबर हमले ने कुछ समय के लिए बाधित कर दिया। इस डेटा उल्लंघन की जिम्मेदारी ईरान से जुड़े एक हैकिंग समूह ने लेने का दावा किया है।

अमेरिका की मेडिकल टेक्नोलॉजी कंपनी स्ट्राइकर (Stryker) पर बुधवार को एक साइबर हमला हुआ, जिससे कुछ समय के लिए उसके वैश्विक संचालन में बाधा आई। रिपोर्टों के अनुसार यह हमला ईरान से जुड़े एक हैकिंग समूह ने किया। हालांकि कंपनी की वेबसाइट और सिस्टम काफी हद तक सामान्य हो गए हैं, लेकिन इस घटना ने बड़ी कंपनियों पर बढ़ते साइबर सुरक्षा खतरों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

कंपनी ने कहा कि वह इस घटना की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमले से कितना नुकसान हुआ है।

स्ट्राइकर ने एक बयान में कहा, “हमें रैनसमवेयर या मालवेयर का कोई संकेत नहीं मिला है और हमारा मानना है कि घटना को नियंत्रित कर लिया गया है। हमारी टीमें तेजी से काम कर रही हैं ताकि यह समझा जा सके कि इस हमले का हमारे सिस्टम पर क्या प्रभाव पड़ा है।”

द वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला ईरान से जुड़े हैकिंग समूह हंदाला (Handala) से संबंधित माना जा रहा है। बताया गया है कि हमले के दौरान स्ट्राइकर के लॉग-इन पेजों पर इस समूह का लोगो दिखाई दिया था।

सिस्टम अचानक बंद होने लगे

रिपोर्ट के मुताबिक साइबर हमला अमेरिका के ईस्टर्न टाइम के अनुसार करीब आधी रात के आसपास शुरू हुआ। कर्मचारियों ने देखा कि उनके सिस्टम एक-एक करके बंद होने लगे।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार कर्मचारियों ने अपने कंप्यूटरों को वास्तविक समय में ऑफलाइन होते देखा। जब उन्हें एहसास हुआ कि साइबर हमला चल रहा है, तो कुछ कर्मचारियों ने कंपनी के डेटा को सुरक्षित रखने के लिए मशीनों के प्लग निकालने की कोशिश की।

हालांकि कई दफ्तरों में तब तक काफी नुकसान हो चुका था। कुछ कर्मचारियों ने बताया कि उनके उपकरणों में संग्रहीत फाइलें मिटा दी गई थीं। कुछ स्थानों पर तो लगभग 95 प्रतिशत कंप्यूटर और डिजिटल सिस्टम पूरी तरह से साफ कर दिए जाने की खबर है।

स्थिति बिगड़ने पर दुनिया भर के कई दफ्तरों में कर्मचारी काम जारी नहीं रख पाए। कई कर्मचारियों को कार्यालय छोड़ने और अगले आदेश तक कंपनी के सिस्टम या सॉफ्टवेयर से कनेक्ट न करने के लिए कहा गया।

हजारों सिस्टम प्रभावित

रिपोर्टों के अनुसार साइबर हमले का दायरा काफी बड़ा हो सकता है। ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम न्यूज एजेंसी ने दावा किया कि इस हमले से 2 लाख से अधिक सिस्टम, सर्वर और मोबाइल डिवाइस प्रभावित हुए।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि हैकरों ने स्ट्राइकर के सिस्टम से लगभग 50 टेराबाइट डेटा निकाल लिया। हालांकि कंपनी ने इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है।

हमले के बाद शेयरों में गिरावट

इस साइबर हमले का असर कंपनी के बाजार प्रदर्शन पर भी तुरंत दिखाई दिया। हमले की खबर के बाद स्ट्राइकर के शेयर 5.3 प्रतिशत तक गिर गए।

मिशिगन स्थित यह कंपनी पोर्टेज, मिशिगन में मुख्यालय रखती है। यह सर्जरी, न्यूरोटेक्नोलॉजी और ऑर्थोपेडिक उपचारों में इस्तेमाल होने वाली मेडिकल तकनीकें बनाती है।

स्ट्राइकर ने 2025 में 25 अरब डॉलर से अधिक का राजस्व दर्ज किया था और दुनिया भर में इसके करीब 56,000 कर्मचारी हैं।

हैकरों ने बताया जवाबी कार्रवाई

ईरान से जुड़े हैकिंग समूह हंदाला ने बाद में इस हमले की जिम्मेदारी ली। रिपोर्टों के मुताबिक समूह ने कहा कि यह साइबर ऑपरेशन अमेरिका द्वारा कथित रूप से ईरान के एक स्कूल पर किए गए बम हमले के जवाब में किया गया, जिसमें कथित तौर पर 100 से अधिक बच्चों की मौत हुई थी।

समूह ने यह भी चेतावनी दी कि यह घटना “साइबर युद्ध के एक नए अध्याय” की शुरुआत है, जैसा कि ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में कहा गया है।