पाकिस्तान ने अपने सैटेलाइट इंटरनेट बाजार में स्टारलिंक को संचालन की मंजूरी देने में देरी कर दी है। स्थानीय मीडिया ने रविवार को बताया कि अधिकारियों ने इसके पीछे डेटा सुरक्षा जोखिम, राजनीतिक कारण और चीनी कंपनियों से प्रतिस्पर्धा को प्रमुख वजहें बताया हैं।
एलन मस्क की स्वामित्व वाली स्टारलिंक उन कई कंपनियों में शामिल है, जो पाकिस्तान में अपनी सेवाएं शुरू करने की अनुमति मांग रही हैं। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा और भू-राजनीतिक मुद्दों के अनसुलझे रहने के कारण लाइसेंसिंग प्रक्रिया धीमी हो गई है।
द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के हवाले से सूत्रों ने बताया कि सरकार को आशंका है कि स्टारलिंक पाकिस्तान की निगरानी, नियामक और सुरक्षा प्रणालियों को दरकिनार करते हुए कुछ डेटा प्रसारित कर सकती है।
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने द एक्सप्रेस ट्रिब्यून से कहा, “हम उपभोक्ताओं के डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित किए बिना स्टारलिंक को लाइसेंस नहीं दे सकते।”
राजनीतिक तनाव भी चिंता का कारण
अधिकारियों ने एलन मस्क और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच तनाव को भी एक अन्य कारण बताया है। उन्हें डर है कि मंजूरी देने से वाशिंगटन में राजनीतिक संवेदनशीलताएं प्रभावित हो सकती हैं।
पिछले वर्ष ट्रंप के दोबारा सत्ता में लौटने के बाद पाकिस्तान के अमेरिका के साथ संबंधों में सुधार हुआ है। इस्लामाबाद ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहता, जिससे अमेरिका में किसी तरह की चिंता पैदा हो।
सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है। “असल वजह यह है कि सरकार ने कुछ मामलों की जांच की है, जिनमें सैटेलाइट आधारित इंटरनेट सेवा प्रदान करते समय स्टारलिंक द्वारा कुछ संवेदनशील डेटा एकत्र किए जाने की आशंका जताई गई है,” सूत्रों ने कहा।
सरकार अब किसी भी लाइसेंस को मंजूरी देने से पहले इन चिंताओं को दूर करने पर काम कर रही है।
डेटा नियंत्रण अब भी बड़ी चिंता
वर्तमान में पाकिस्तान अपने इंटरनेट डेटा को पाकिस्तान टेलीकम्युनिकेशन कंपनी लिमिटेड (पीटीसीएल) के माध्यम से नियंत्रित करता है, जिसकी देश के अंडरसी केबल नेटवर्क में बहुसंख्यक हिस्सेदारी है। इससे अधिकारियों को इंटरनेट ट्रैफिक की निगरानी और नियंत्रण की सुविधा मिलती है।
अधिकारियों को डर है कि सैटेलाइट आधारित सेवाओं में उन्हें ऐसा नियंत्रण नहीं मिल पाएगा। उन्हें आशंका है कि विदेशी कंपनियां, खासकर स्टारलिंक, संवेदनशील डेटा तक पहुंच बना सकती हैं या डेटा चोरी में शामिल हो सकती हैं।
सैटेलाइट इंटरनेट मुख्य रूप से बलूचिस्तान जैसे दूरदराज़ इलाकों में उपयोगी होगा, जहां पारंपरिक इंटरनेट सेवाएं सीमित हैं। वर्तमान में अधिकारी सुरक्षा खतरों के दौरान इंटरनेट सेवाएं मॉनिटर कर सकते हैं और यहां तक कि उन्हें निलंबित भी कर सकते हैं। लेकिन उन्हें डर है कि जरूरत पड़ने पर सैटेलाइट सेवाओं को रोकना कठिन हो सकता है।
चीनी कंपनियां मजबूत प्रतिस्पर्धी मानी जा रही हैं
पाकिस्तान में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं देने के लिए पांच कंपनियों ने लाइसेंस के लिए आवेदन किया है। वे देश में करोड़ों डॉलर के निवेश की योजना बना रही हैं। पाकिस्तान स्पेस एक्टिविटीज़ रेगुलेटरी बोर्ड (PSARB) के अनुसार, स्टारलिंक और चीन की शंघाई स्पेसकॉम सैटेलाइट टेक्नोलॉजी लिमिटेड (SSST) इच्छुक कंपनियों में शामिल हैं।
चीनी कंपनियों की पाकिस्तान में पहले से मजबूत मौजूदगी है और उन्हें अमेरिकी कंपनियों पर बढ़त हासिल है। वे स्टारलिंक को सीधा प्रतिस्पर्धी भी मानती हैं।
पंजीकरण प्रक्रिया अभी लंबित है, क्योंकि PSARB ने लाइसेंसिंग प्रणाली को अंतिम रूप नहीं दिया है। अधिकारियों ने बताया कि सरकार ने संबंधित पक्षों के साथ परामर्श पूरा कर लिया है, लेकिन सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं शुरू करने से पहले सुरक्षा प्रणालियां स्थापित करने के लिए और समय की आवश्यकता है।
