ईरान के दक्षिणी बंदरगाह शहर बंदर अब्बास में शनिवार को एक आठ मंज़िला आवासीय इमारत में जोरदार विस्फोट हुआ, जिसकी जानकारी सरकारी मीडिया ने दी। अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट के कारणों की जांच अभी जारी है।
ईरानी सरकारी टेलीविजन के अनुसार, यह विस्फोट शहर के व्यस्त इलाके मोअल्लेम बुलेवार्ड पर हुआ।
दो मंज़िलें ध्वस्त, व्यापक नुकसान
सरकारी टीवी ने बताया कि विस्फोट से आवासीय इमारत की दो मंज़िलें पूरी तरह नष्ट हो गईं। आसपास खड़ी कई गाड़ियां और नज़दीकी दुकानें भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुईं।
सरकारी टेलीविजन पर दिखाए गए फुटेज में इमारत का सामने का हिस्सा फटा हुआ दिखाई दिया। अंदरूनी हिस्से साफ़ तौर पर नज़र आ रहे थे और मलबा आसपास की सड़कों पर बिखरा हुआ था।
अन्य ईरानी मीडिया संस्थानों ने भी इसी तरह की रिपोर्टें दीं, हालांकि विस्फोट के कारणों के बारे में कोई विवरण नहीं दिया गया।
बचाव कार्य शुरू, घायलों को अस्पताल भेजा गया
विस्फोट के बाद आपात सेवाओं ने तुरंत कार्रवाई की। बचाव और अग्निशमन दल मौके पर पहुंचे और खोज व राहत कार्य शुरू किया।
आपातकर्मियों ने घायलों को इलाज के लिए नज़दीकी अस्पतालों में पहुंचाया।
हॉर्मोज़गान प्रांत के संकट प्रबंधन प्रमुख मेहरदाद हस्सनज़ादेह ने आधिकारिक IRNA समाचार एजेंसी को बताया कि विस्फोट के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए जांच चल रही है। उन्होंने पुष्टि की कि रिपोर्ट दाख़िल किए जाने तक किसी की मौत की सूचना नहीं थी।
IRGC को निशाना बनाए जाने के दावे खारिज
अर्ध-सरकारी तस्नीम समाचार एजेंसी ने सोशल मीडिया पर फैल रहे उन दावों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि यह विस्फोट इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) नौसेना के एक कमांडर को निशाना बनाकर किया गया था।
तस्नीम ने इन रिपोर्टों को “पूरी तरह झूठा” बताया।
IRGC ईरान की सुरक्षा व्यवस्था में एक शक्तिशाली बल है और सीधे सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली ख़ामेनेई को रिपोर्ट करता है।
रणनीतिक स्थिति से बढ़ा ध्यान
बंदर अब्बास होर्मुज़ जलडमरूमध्य के किनारे स्थित है। यह जलमार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जहाँ से वैश्विक समुद्री तेल परिवहन का लगभग पाँचवाँ हिस्सा गुजरता है।
इसकी रणनीतिक अहमियत के कारण, क्षेत्र में कोई भी बड़ा घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित करता है।
बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच विस्फोट
यह विस्फोट ऐसे समय हुआ है जब ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। हालात आर्थिक कठिनाइयों से उपजे देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों पर सरकार की सख्त कार्रवाई और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर पश्चिमी देशों की चिंताओं के बाद और गंभीर हुए हैं।
शनिवार को ही इससे पहले राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने अमेरिका, इज़राइल और यूरोपीय देशों पर ईरान की आर्थिक समस्याओं का फायदा उठाने और अशांति भड़काने का आरोप लगाया था।
यह घटना क्षेत्र में अमेरिकी विमानवाहक पोत समूह की तैनाती के साथ भी मेल खाती है। यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी टिप्पणियों के बाद उठाया गया, जिन्होंने हाल ही में कहा था कि एक “आर्माडा” ईरान की ओर बढ़ रही है।
