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ट्रंप ने फेंटेनाइल को सामूहिक विनाश का हथियार घोषित करने वाले आदेश पर हस्ताक्षर किए
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत अवैध फेंटेनाइल को सामूहिक विनाश का हथियार घोषित किया गया है, जिससे ड्रग संकट को राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे के रूप में देखा जाएगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत “अवैध फेंटेनाइल और उसके मुख्य प्रीकर्सर रसायनों” को सामूहिक विनाश के हथियारों (Weapons of Mass Destruction) की श्रेणी में रखा गया है। इसके परिणामस्वरूप, अमेरिका अब फेंटेनाइल से जुड़े अपराधों को कहीं अधिक गंभीरता से निपटाएगा। यह कदम फेंटेनाइल से संबंधित अपराधों को देखने और उन पर मुकदमा चलाने के तरीके में एक बड़ा बदलाव दर्शाता है।

ओवल ऑफिस से इस फैसले की घोषणा करते हुए ट्रंप ने कहा कि यह आदेश बढ़ते ड्रग संकट से अमेरिकियों की रक्षा के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “आज मैं इस ऐतिहासिक कार्यकारी आदेश के जरिए हमारे देश में घातक फेंटेनाइल की बाढ़ से अमेरिकियों की रक्षा के लिए एक और कदम उठा रहा हूं। कोई भी बम वह नुकसान नहीं करता जो यह कर रहा है।”

सामूहिक विनाश के हथियारों को लेकर मौजूदा कानून

वर्तमान अमेरिकी कानून के तहत सामूहिक विनाश के हथियारों का उपयोग, धमकी या प्रयास पहले से ही एक गंभीर अपराध है। कुछ मामलों में इसकी सजा मौत की सजा तक हो सकती है।

कानून में सामूहिक विनाश के हथियारों की परिभाषा व्यापक रूप से दी गई है। इसमें “किसी जैविक एजेंट, विष या वाहक से जुड़ा कोई भी हथियार” शामिल है। अब इस नए आदेश के साथ फेंटेनाइल भी इसी कानूनी ढांचे में आ गया है।

नया कार्यकारी आदेश क्या बदलता है

कार्यकारी आदेश में फेंटेनाइल को “एक मादक पदार्थ से ज्यादा, रासायनिक हथियार के करीब” बताया गया है। इसलिए सरकार अब इसे केवल सार्वजनिक स्वास्थ्य या आपराधिक मुद्दे के रूप में नहीं देखेगी, बल्कि इसे सीधे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानेगी।

आदेश में अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी को निर्देश दिया गया है कि वे “फेंटेनाइल तस्करी से जुड़े मामलों की तुरंत जांच और अभियोजन शुरू करें।” इसके चलते संघीय एजेंसियों से तेज़ी से और सख्त कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।

विदेश और ट्रेजरी विभाग की भूमिका

इसके अलावा, इस आदेश में वरिष्ठ कैबिनेट सदस्यों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट को “लागू कानून के अनुसार संबंधित संपत्तियों और वित्तीय संस्थानों के खिलाफ उपयुक्त कार्रवाई” करने का निर्देश दिया गया है।

इनकी कोशिशें अवैध फेंटेनाइल और उसके प्रमुख प्रीकर्सर रसायनों के निर्माण, वितरण और बिक्री से जुड़े लोगों और समूहों पर केंद्रित होंगी। इसमें प्रतिबंध, संपत्ति जब्ती और वित्तीय जांच शामिल हो सकती है।

फेंटेनाइल को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा घोषित

कार्यकारी आदेश के अनुसार, फेंटेनाइल का उत्पादन और वितरण अब अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माना जाएगा।

आदेश में कहा गया है, “विदेशी आतंकवादी संगठनों और कार्टेल द्वारा फेंटेनाइल का उत्पादन और बिक्री इन संगठनों के संचालन को वित्तपोषित करती है, जिनमें दुनिया भर में हत्याएं, आतंकवादी गतिविधियां और विद्रोह शामिल हैं, और इससे हमारी घरेलू सुरक्षा तथा राष्ट्र के कल्याण को कमजोर किया जाता है।”

ट्रंप की ‘ड्रग्स के खिलाफ जंग’ से जुड़ाव

यह पुनर्वर्गीकरण ट्रंप के उस व्यापक अभियान के अनुरूप है, जिसे उनका प्रशासन “नार्को-आतंकवादियों” के खिलाफ लड़ाई कहता है। इस अभियान के तहत अमेरिका ने संदिग्ध ड्रग तस्करी नौकाओं पर सैन्य हमले भी किए हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सितंबर की शुरुआत से इन हमलों में करीब 90 लोगों की मौत हुई है। ट्रंप का दावा है कि हर एक नाव को नष्ट करने से हजारों अमेरिकी जिंदगियां बचती हैं।

ड्रग तस्करी के रास्तों पर सवाल

हालांकि, विशेषज्ञ इस रणनीति पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि निशाना बनाई गई नौकाओं में संभवतः कोकीन थी, न कि फेंटेनाइल। फेंटेनाइल कहीं ज्यादा घातक जरूर है, लेकिन यह मुख्य रूप से मेक्सिको से ज़मीनी रास्तों के जरिए अमेरिका में प्रवेश करता है, न कि कोलंबिया या वेनेजुएला से समुद्री मार्ग से।

इसके बावजूद, ट्रंप ने कैरेबियाई क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है। इस तैनाती में दुनिया का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत और कई अन्य युद्धपोत शामिल हैं। इसी बीच, हाल के हफ्तों में अमेरिकी सैन्य विमान वेनेजुएला के तट के पास बार-बार उड़ान भरते देखे गए हैं।