दिल्ली के निवासियों को मंगलवार सुबह कुछ राहत मिली, क्योंकि पिछले दिन की तुलना में वायु प्रदूषण के स्तर में गिरावट दर्ज की गई। कई दिनों से शहर की वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में बनी हुई थी। इस सुधार से अत्यंत खतरनाक हालात से थोड़ी राहत मिली।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के समीर ऐप के अनुसार, मंगलवार सुबह 6:30 बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 381 दर्ज किया गया। इससे शहर ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आ गया, जो अब भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, लेकिन ‘गंभीर’ स्थिति से बेहतर माना जाता है।
सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में अब भी गंभीर प्रदूषण
कुल मिलाकर सुधार के बावजूद, दिल्ली के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर अब भी बहुत अधिक रहा। वजीरपुर में सबसे खराब वायु गुणवत्ता दर्ज की गई, जहां AQI 434 रहा। इसके बाद जहांगीरपुरी में AQI 430 रिकॉर्ड किया गया।
अन्य स्थानों पर भी चिंताजनक स्तर देखे गए। मुंडका, दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी और नेहरू नगर स्थित मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI 420 से 424 के बीच रहा। ये सभी इलाके अब भी ‘गंभीर’ श्रेणी में बने हुए हैं।
सोमवार की तुलना में हालात बेहतर
यह सुधार ऐसे समय में आया है, जब एक दिन पहले यानी सोमवार को दिल्ली का औसत AQI 427 तक पहुंच गया था। यह लगातार तीसरा दिन था, जब प्रदूषण का स्तर ‘गंभीर’ श्रेणी में बना रहा।
सोमवार को शहर के बड़े हिस्सों में घना स्मॉग छाया रहा। दृश्यता काफी कम हो गई थी, जिससे थोड़ी दूरी तक देखना भी मुश्किल हो गया। हालात बिगड़ने के साथ ही सैकड़ों उड़ानें प्रभावित हुईं। खराब दृश्यता के चलते हवाई अड्डों और एयरलाइनों ने एडवाइजरी जारी की।
सोशल मीडिया पर साझा की गई ग्राउंड रिपोर्ट
JUSZNEWS के संवाददाताओं ने X (पूर्व में ट्विटर) पर वीडियो पोस्ट किए, जिनमें शहर के विभिन्न इलाकों में प्रदूषण की स्थिति दिखाई गई। इन वीडियो में पंजाबी बाग और ओखला मंडी जैसे क्षेत्रों की वायु गुणवत्ता और लोगों के अनुभवों को दर्शाया गया।
Delhi AQI looks better today. JUSZNEWS Reporters recorded vedio at Punjabi Bagh at 6:30 am and told about how they feel in Delhi's air. pic.twitter.com/vfeTf7nVef
— Nishi (@JusznewsNishi) December 16, 2025
Delhi Air Quality Report at Okhla Mandi at about 7 am by JUSZNEWS reporter. pic.twitter.com/gxTjoV1Ixg
— Nishi (@JusznewsNishi) December 16, 2025
AQI स्तरों का वर्गीकरण
CPCB के अनुसार, AQI की श्रेणियां स्पष्ट रूप से तय हैं। 0 से 50 के बीच AQI को “अच्छा” माना जाता है। 51 से 100 के बीच “संतोषजनक”, 101 से 200 “मध्यम”, 201 से 300 “खराब”, 301 से 400 “बहुत खराब” और 401 से 500 के बीच AQI को “गंभीर” श्रेणी में रखा जाता है।
पराली जलाना अब मुख्य कारण नहीं
विशेषज्ञों का कहना है कि स्थानीय स्रोत अब भी प्रदूषण के स्तर को बढ़ा रहे हैं। वाहनों से निकलने वाला धुआं और निर्माण कार्यों से उठने वाली धूल शहर में प्रदूषण के प्रमुख कारण बने हुए हैं।
हालांकि, पराली जलाना अब मुख्य वजह नहीं रहा। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट के शोध में कहा गया है, “फसल अवशेष जलाने का मौसम अब लगभग समाप्त हो चुका है। आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि इस वर्ष पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं में काफी कमी आई है।”
अधिक अपडेट के लिए JUSZNEWS के यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें।
