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भारत बनाम वेस्ट इंडीज | पहला दिन: यशस्वी जायसवाल के सातवें टेस्ट शतक की बदौलत भारत ने कोटला में 318/2 का स्कोर बनाया
यशस्वी जायसवाल ने अपना सातवां टेस्ट शतक जड़ा, जबकि बी साई सुदर्शन ने संयमित 87 रनों की पारी खेलकर प्रभावित किया, जिससे भारत ने फिरोज शाह कोटला में वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले दिन का खेल पूरी तरह अपने नाम किया।

भारत और वेस्टइंडीज के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज़ के दूसरे टेस्ट के पहले दिन का खेल खत्म होने तक भारत ने 318/2 का मजबूत स्कोर बनाया। यशस्वी जायसवाल ने एक बार फिर आधुनिक टेस्ट बल्लेबाज़ों के बीच अपनी क्लास साबित करते हुए शानदार सातवां शतक जड़ा। उनके साथी बी साई सुदर्शन ने भी बेहतरीन 87 रनों की पारी खेलकर शानदार सहयोग दिया। यह सब तब हुआ जब कप्तान शुभमन गिल ने आखिरकार टॉस जीता — सात प्रयासों में पहली बार।

फिरोज शाह कोटला की पिच सामान्य रूप से धीमी थी। हालांकि वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने अनुशासन बनाए रखते हुए एक भी अतिरिक्त रन नहीं दिया, लेकिन उनमें विकेट लेने की धार की कमी दिखी। मध्य सत्र में भारत ने पूरी तरह नियंत्रण हासिल कर लिया, बिना कोई विकेट गंवाए 126 रन जोड़ दिए।

धैर्यपूर्ण शुरुआत, फिर धमाकेदार अंत

जायसवाल ने हालात के अनुसार खुद को शानदार ढंग से ढाला। उन्होंने पहले घंटे में बेहद सतर्कता से शुरुआत की, ढीली गेंदों को सजा दी, और जब गेंदबाज़ अपनी लय में लौटे तो फिर से संयम बरता। जब वे 93 पर थे, तब तक तेज गेंदबाज उन्हें छह हाफ-वॉली, चार शॉर्ट बॉल और एक फुल लेंथ गेंद पर चौका दे चुके थे। दिलचस्प बात यह रही कि जायसवाल ने गुड लेंथ गेंदों पर कोई जोखिम नहीं लिया। उनकी आक्रामकता और संयम के बीच का संतुलन ही उनकी पारी की पहचान रहा।

रिकॉर्ड तोड़ युवा बल्लेबाज़

इस पारी के साथ जायसवाल ने 24 वर्ष से कम उम्र में ओपनर के तौर पर सबसे अधिक शतकों के ग्रेम स्मिथ के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। भारतीयों में 24 वर्ष से पहले सबसे ज्यादा शतक सिर्फ सचिन तेंदुलकर ने लगाए हैं। इसके अलावा, जायसवाल ने सात शतकों में से पाँच बार 150 का आंकड़ा पार किया है — 24 वर्ष से पहले ऐसा कारनामा डॉन ब्रैडमैन से ज्यादा बार किसी ने नहीं किया।

नंबर 3 पर सुदर्शन की मजबूती

23 वर्षीय साई सुदर्शन ने भी भारत के नंबर 3 स्थान के लिए मजबूत दावेदारी पेश की। औसतन 40 से कम फर्स्ट-क्लास रिकॉर्ड के साथ शुरुआती टेस्ट खेलते हुए उन पर दबाव था। केएल राहुल के 38 रन पर जोमेल वॉरिकन की टर्न लेती गेंद पर आउट होने के बाद सुदर्शन क्रीज़ पर आए। इसके बाद उन्होंने जायसवाल के साथ दूसरे विकेट के लिए 197 रनों की साझेदारी की। उन्होंने ठोस बचाव और सटीक स्ट्रोक प्ले का शानदार मेल दिखाया। 58 के स्कोर पर उनका पहला गलत शॉट कैच छूट गया, लेकिन 165 गेंदों में वॉरिकन की घूमती गेंद पर एलबीडब्ल्यू होकर वे आउट हुए।

लंच के बाद वेस्टइंडीज ने खोया नियंत्रण

पहले घंटे में वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाजों ने कसी हुई गेंदबाजी की और सिर्फ 12 ओवरों में 29 रन दिए। लेकिन जैसे ही भारतीय बल्लेबाजों ने हालात समझे, रन तेजी से आने लगे। राहुल ने खैरी पियरे की गेंद पर लॉन्ग ऑन के ऊपर छक्का जड़कर आक्रामकता दिखाई, लेकिन वॉरिकन की गेंद पर वही शॉट दोहराने के चक्कर में आउट हो गए। यह गेंद 8.4 डिग्री घूमी और हवा में उन्हें छकाते हुए स्टंप कर गई। पिछली पारी में असफल रहे जायसवाल ने इस बार अपना तरीका बदला — उन्होंने ऊंचे शॉट्स से परहेज किया और खूबसूरत टाइमिंग व प्लेसमेंट से रन जुटाए। लंच तक वे 10 (35 गेंद) से 40 (78 गेंद) तक पहुँच गए।

सुदर्शन का संयमित अंदाज़

सुदर्शन ने अपनी पहली ही गेंद, जो फुल टॉस थी, पर चौका लगाया। लंच के बाद जेडन सील्स की दो छोटी और चौड़ी गेंदों को जायसवाल ने लगातार चौकों में बदला। इसके बाद वेस्टइंडीज पूरी तरह लाइन खो बैठी। उस सत्र में लगभग हर ओवर में चौका देखने को मिला।

सुदर्शन ने एक और फुल टॉस पर चौका लगाकर अपना दूसरा टेस्ट अर्धशतक पूरा किया। बीच में उन्होंने बैकफुट पर कुछ शानदार पंच भी खेले — जो उनकी ताकत साबित हुए, लेकिन अंततः वही शॉट उनके आउट होने का कारण बना। सील्स ने चाय के बाद 4 ओवर में सिर्फ 6 रन देकर दबाव बनाया, लेकिन पियरे ने आसान रन देकर वह दबाव खत्म कर दिया।

सुदर्शन आउट, जायसवाल का जलवा जारी

खेल के रुख के विपरीत वॉरिकन ने सुदर्शन को एलबीडब्ल्यू किया। यह गेंद 6.4 डिग्री घूमी, फ्लैट और फुल थी, जिससे सुदर्शन पीछे रह गए जबकि उन्हें आगे आना चाहिए था। अतिरिक्त टर्न ने उन्हें संभलने का मौका नहीं दिया। उनके आउट होने के बाद जायसवाल और शुभमन गिल ने दिन का अंत सुरक्षित रूप से किया। दोनों सतर्क रहे, गिल ने बीच-बीच में स्वीप शॉट भी खेले।

एक समय उन्होंने 44 गेंदों तक कोई बाउंड्री नहीं लगाई, लेकिन फिर जायसवाल ने फुल टॉस को चौके में बदला। दिन के आखिरी हिस्से में जायसवाल ने फिर रफ्तार पकड़ी, ओवर 87 और 88 में 17 रन जोड़ते हुए 173* (253 गेंद) पर नाबाद रहे — एक ऐसी पारी जिसमें परिपक्वता, अनुशासन और दबदबा झलकता है।

संक्षिप्त स्कोरकार्ड

पहला दिन

भारत (पहली पारी): 318/2 (90 ओवर)
यशस्वी जायसवाल 173* (253), साई सुदर्शन 87 (165), केएल राहुल 38 (54);
जोमेल वॉरिकन 2/60 (20), जस्टिन ग्रेव्स 0/26 (8)

यशस्वी जायसवाल का शानदार शतक और साई सुदर्शन की संयमित पारी पहले दिन के मुख्य आकर्षण रहे। वेस्टइंडीज के गेंदबाज़ विकेट निकालने के लिए संघर्ष करते दिखे। उन्हें अब न केवल विकेट लेने के तरीके खोजने होंगे, बल्कि बल्लेबाज़ों को भी लंबी पारियां खेलनी होंगी। नियमित अपडेट के लिए बने रहें JUSZNEWS के साथ!

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