एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित अमेरिका-ईरान समझौते के तहत ईरान को कतर में रखी गई 6 अरब डॉलर की जब्त हुई संपत्तियों तक चरणबद्ध तरीके से पहुंच मिल सकती है। हालांकि, इस धनराशि का उपयोग केवल मानवीय जरूरतों और उन वस्तुओं की खरीद के लिए किया जा सकेगा, जो अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के दायरे में नहीं आती हैं।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वांस ने विश्वास जताया है कि स्विट्जरलैंड में जारी वार्ता के आगे बढ़ने के साथ अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम कायम रहेगा। साथ ही, उन्होंने रिपब्लिकन नेताओं की आलोचनाओं का जवाब देते हुए इस समझौते का बचाव भी किया।
ईरान का कहना है कि वह अमेरिका के साथ किसी भी समझौते को तब तक मंजूरी नहीं देगा, जब तक उसमें ईरानी अधिकारों की पूरी तरह से रक्षा सुनिश्चित न हो जाए। इस बीच परमाणु, सैन्य और क्षेत्रीय मुद्दों पर मतभेदों के कारण दोनों देशों के बीच वार्ता ठप बनी हुई है।