अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्र को संबोधित करेंगे, क्योंकि अमेरिका-ईरान संघर्ष तेज होता जा रहा है और सैन्य कार्रवाई तथा कूटनीतिक अनिश्चितता जारी है।
ईरान ने अमेरिका के साथ संभावित वार्ता की मेजबानी करने के पाकिस्तान के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, जिससे संकेत मिलता है कि वह भविष्य की किसी भी बातचीत पर पूरा नियंत्रण अपने हाथ में रखना चाहता है।
पाकिस्तान ने क्षेत्रीय शक्तियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की मेजबानी की ताकि वेस्ट एशिया में तनाव को कम किया जा सके और खुद को संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत के लिए एक मंच के रूप में स्थापित किया।
नाटो सहयोगी ईरान के मुद्दे पर अमेरिका के रुख का समर्थन करते हैं, लेकिन वे सैन्य कार्रवाई में शामिल होने से इनकार कर रहे हैं और कूटनीति पर जोर दे रहे हैं।