अमेरिका के आतंकवाद विरोधी प्रमुख जोए केंट ने ईरान युद्ध का विरोध करते हुए इस्तीफा दे दिया और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से रणनीति पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया।
नाटो सहयोगी ईरान के मुद्दे पर अमेरिका के रुख का समर्थन करते हैं, लेकिन वे सैन्य कार्रवाई में शामिल होने से इनकार कर रहे हैं और कूटनीति पर जोर दे रहे हैं।
ईरान ने चेतावनी दी है कि वह लगातार सैन्य हमलों को तेज कर सकता है और अमेरिका, इज़राइल तथा उनके सहयोगियों की ओर जाने वाली तेल आपूर्ति को रोक सकता है। उसने कहा कि क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता वैश्विक तेल की कीमतों को 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचा सकती है।
ब्लू स्पैरो मिसाइल का इस्तेमाल करते हुए इज़राइल और अमेरिका द्वारा किए गए हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई और तेहरान में दर्जनों वरिष्ठ अधिकारी मारे गए, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में तनाव तेज़ी से बढ़ गया।
अमेरिकी विदेश विभाग ने बढ़ते ईरान-संबंधित तनाव के बीच अमेरिकियों से पश्चिम एशिया से “तुरंत प्रस्थान” करने को कहा है। क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण लंबे समय तक चलने वाले क्षेत्रीय संघर्ष की आशंकाएं गहरा गई हैं।
इज़राइल ने ईरान पर प्री-एम्प्टिव स्ट्राइक शुरू की, जिससे तेहरान में विस्फोट हुए। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोहराया कि तेहरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकता।
इज़राइल ने ईरान के खिलाफ “प्रीएम्प्टिव स्ट्राइक” करने की घोषणा की और ड्रोन व मिसाइल हमलों के संभावित जवाबी खतरे को देखते हुए पूरे देश में आपातकाल लागू कर दिया।