ईरान ने अमेरिका के साथ संभावित वार्ता की मेजबानी करने के पाकिस्तान के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, जिससे संकेत मिलता है कि वह भविष्य की किसी भी बातचीत पर पूरा नियंत्रण अपने हाथ में रखना चाहता है।
ईरान की संभावित जवाबी कार्रवाई की चेतावनी के बीच पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता की मेज़बानी करने की पेशकश की है, जबकि मध्य पूर्व में जारी संघर्ष लगातार और तेज होता जा रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका “ईरान का तेल ले सकता है” और खार्ग आइलैंड को निशाना बना सकता है। उनके इस बयान को मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिकी रणनीति में संभावित बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
भारत ने कहा है कि उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में युद्धपोत भेजने की किसी भी योजना पर अमेरिका के साथ कोई चर्चा नहीं की है, जबकि बढ़ते वैश्विक तनाव के बीच देश इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की सुरक्षा पर विचार कर रहे हैं।