दक्षिण कोरिया उत्तर कोरिया के खतरों का मुकाबला करने के लिए 2030 के दशक के मध्य तक अपनी पहली परमाणु ऊर्जा चालित पनडुब्बी विकसित करेगा। साथ ही वह अप्रसार नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के साथ सहयोग करेगा।