ईरान की फुटबॉल टीम फीफा वर्ल्ड कप 2026 से पहले अब भी वीजा मिलने का इंतजार कर रही है, क्योंकि संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच राजनीतिक तनाव जारी है।
ईरान ने खाड़ी में ईरानी टैंकरों पर अमेरिकी हमलों के बाद मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों पर हमले की धमकी दी, जबकि खाड़ी और लेबनान मोर्चों पर बढ़ते तनाव के बीच कूटनीतिक प्रयास जारी रहे।
ईरान के खार्ग द्वीप पर अमेरिकी हवाई हमलों से तनाव बढ़ गया है, क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप द्वारा तय की गई समय-सीमा नजदीक आ रही है। इससे खाड़ी क्षेत्र में बड़े संघर्ष और तेल आपूर्ति में बाधा को लेकर आशंकाएं बढ़ गई हैं।
ईरान ने चेतावनी दी है कि वह अमेरिका के साथ जमीनी युद्ध के लिए तैयार है और वाशिंगटन पर सैन्य कार्रवाई के लिए कूटनीति को आड़ के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।
ईरान के विदेश मंत्री ने रूसी तेल को लेकर अमेरिका के रुख में बदलाव की आलोचना करते हुए कहा कि ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच वॉशिंगटन अब भारत जैसे देशों से रूसी कच्चा तेल खरीदने का आग्रह कर रहा है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के पास जहाज़ों पर हुए नए हमलों के बाद वैश्विक तेल कीमतों में तेज उछाल आया। इससे यह आशंका बढ़ गई है कि बढ़ता संघर्ष महत्वपूर्ण ऊर्जा आपूर्ति को बाधित कर सकता है।