यूक्रेन ने रूस की एक और तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला कर अपने अभियान को और तेज़ कर दिया है। इस हमले से रूस का ईंधन संकट और गहरा गया है। इस बीच, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रमुख ऊर्जा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा और मजबूत करने का वादा किया है।
यूक्रेन द्वारा ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले तेज किए जाने के बाद रूसी अधिकारियों ने क्रीमिया में आम नागरिकों को ईंधन की बिक्री निलंबित कर दी है। इन हमलों के कारण प्रायद्वीप में 2014 के बाद का सबसे गंभीर ईंधन संकट पैदा हो गया है, जिससे ईंधन आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है।
ईरान संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान के कारण वैश्विक तेल भंडार में भारी गिरावट आई है, जिससे दुनियाभर में ईंधन की कमी, तेल कीमतों में तेज उछाल और आर्थिक मंदी की आशंका बढ़ गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य संकट से प्रभावित देशों से “अपना तेल खुद हासिल करने” की अपील की और ईरान संघर्ष में समर्थन की कमी पर नाराज़गी जताई।
पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया संघर्ष से उत्पन्न वैश्विक ईंधन जोखिमों को लेकर चेतावनी दी और लोगों से शांति, एकता बनाए रखने तथा सरकारी उपायों पर भरोसा करने का आग्रह किया।