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बलूचिस्तान हिंसा: BLA के सुरक्षा बलों पर हमलों के बाद पाकिस्तान ने किए हवाई हमले
बलूचिस्तान में पाकिस्तान के नए हवाई हमलों में कथित तौर पर कम से कम 21 नागरिकों की मौत हुई है, जबकि BLA के उग्रवादियों ने पूरे प्रांत में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर हमले तेज कर दिए हैं।

पाकिस्तान ने बलूचिस्तान में हवाई हमलों का एक नया दौर शुरू किया है, क्योंकि इस दक्षिण-पश्चिमी प्रांत में उग्रवादी हमलों में वृद्धि हुई है। CNN-News18 के सूत्रों के अनुसार, खुफिया सूत्रों के हवाले से दी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि सुराब और ग्वादर में पाकिस्तानी हमलों में कम से कम 21 नागरिक मारे गए। मृतकों में कथित तौर पर महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। ये ताजा हमले पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) के बीच हिंसा में तेज बढ़ोतरी के बीच हुए हैं।

BLA ने पाकिस्तानी सैनिकों को भारी नुकसान पहुंचाने का दावा किया

हवाई हमले BLA के उस दावे के बाद किए गए, जिसमें उसने कहा था कि महीने के दौरान किए गए हमलों में उसने कम से कम 32 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया है। उग्रवादी संगठन ने उस समय रातभर कई हमले भी किए, जब पाकिस्तानी हवाई हमले जारी थे।

CNN-News18 के अनुसार, BLA ने कम से कम छह स्थानों पर पुलिस और सैन्य कर्मियों को निशाना बनाया। अधिकारियों ने इन हमलों में हुई हताहतों की जानकारी तुरंत जारी नहीं की थी। एक साथ हुए हमलों और हवाई हमलों ने बलूचिस्तान में सुरक्षा स्थिति को और गंभीर बना दिया है।

पाकिस्तानी बलों ने कथित तौर पर 10 विद्रोहियों को मार गिराया

इससे पहले बुधवार को पाकिस्तानी अधिकारियों ने कहा था कि बलूचिस्तान में हुई मुठभेड़ों के दौरान सुरक्षा बलों ने 10 विद्रोहियों को मार गिराया। अधिकारियों ने एक अलग घटना की भी जानकारी दी, जिसमें एक कार बम समय से पहले ही विस्फोट हो गया।

अधिकारियों के अनुसार, असफल बम हमले में कम से कम 11 लोगों की मौत हुई। मारे गए लोगों में कथित तौर पर आठ उग्रवादी शामिल थे, जो विस्फोटक तैयार कर रहे थे, जबकि तीन लोग पास के एक घर में रहने वाले थे। इस घटना ने प्रांत में बढ़ती हिंसा को और बढ़ा दिया है, क्योंकि सुरक्षा बल विद्रोही समूहों के खिलाफ अभियान जारी रखे हुए हैं।

BLA ने बलूचिस्तान में किए छह हमले

जहां पाकिस्तान ने हवाई हमले किए, वहीं BLA ने कथित तौर पर सुरक्षा ठिकानों पर छह अलग-अलग हमले किए। CNN-News18 के अनुसार, इन हमलों में मुख्य रूप से पुलिस और सैन्य कर्मियों को निशाना बनाया गया।

चागाई जिले में BLA के सदस्यों ने कथित तौर पर आधी रात को बम विस्फोट कर एक पुलिस स्टेशन को नष्ट कर दिया। इस हमले में तीन सुरक्षा कर्मियों की मौत हो गई। समूह ने झाओ में एक पाकिस्तानी सैन्य शिविर पर भी हमला किया।

एक अन्य हमले में खुजदार RCD हाईवे पर जा रहे सुरक्षा बलों के काफिले को निशाना बनाया गया। पास के वाध इलाके में उग्रवादियों ने कथित तौर पर सैन्य वाहनों पर घात लगाकर हमला किया। BLA ने मंगुचर बाजार क्षेत्र में एक सुरक्षा चौकी पर भी हमला किया।

यकमच में उग्रवादियों ने कथित तौर पर वाणिज्यिक वाहनों पर घात लगाकर हमला किया और एक ट्रक को अगवा कर लिया। ये हमले दिखाते हैं कि यह विद्रोही समूह कई स्थानों पर सुरक्षा बलों और परिवहन मार्गों को निशाना बनाने की क्षमता रखता है।

बलूचिस्तान में हिंसा क्यों बढ़ रही है?

बलूचिस्तान दशकों से अलगाववादी विद्रोह का सामना कर रहा है। यह प्रांत बलूच जातीय समुदाय का घर है, जिनमें से कई लोग लंबे समय से अधिक राजनीतिक अधिकारों और आत्मनिर्णय की मांग करते रहे हैं।

बलूच राष्ट्रवादी समूहों का तर्क है कि इस क्षेत्र पर पाकिस्तान का नियंत्रण अवैध है। उनका दावा है कि बलूचिस्तान का पाकिस्तान में विलय दबाव में हुआ था।

कुछ समूहों ने सशस्त्र संघर्ष का रास्ता अपनाया है। BLA इस विद्रोह में शामिल सबसे प्रमुख संगठनों में से एक है और इसका उद्देश्य प्रांत से पाकिस्तानी नियंत्रण समाप्त करना है। इस संघर्ष के कारण सुरक्षा बलों, सरकारी प्रतिष्ठानों और अन्य ठिकानों पर बार-बार हमले हुए हैं।

संसाधनों से समृद्ध बलूचिस्तान लेकिन फिर भी गरीब

बलूचिस्तान क्षेत्रफल के हिसाब से पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है और यहां बड़ी मात्रा में प्राकृतिक संसाधन मौजूद हैं। इसके बावजूद यह देश का सबसे गरीब प्रांत बना हुआ है। स्थानीय समुदाय लंबे समय से संघीय सरकार पर आरोप लगाते रहे हैं कि वह प्रांत के प्राकृतिक संसाधनों से होने वाले लाभ को वहां के लोगों के साथ साझा करने में विफल रही है।

निवासियों और बलूच राष्ट्रवादी समूहों ने संघीय अधिकारियों पर शोषणकारी आर्थिक मॉडल अपनाने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि प्रांत से निकाले जाने वाले संसाधनों का लाभ मुख्य रूप से पाकिस्तान के अन्य हिस्सों को मिलता है।

इस क्षेत्र में जातीय भेदभाव और उत्पीड़न के आरोप भी सामने आते रहे हैं। आलोचकों ने विशेष रूप से पाकिस्तान के पंजाबी-प्रभुत्व वाले राजनीतिक और सैन्य प्रतिष्ठान पर बलूच आबादी को हाशिए पर रखने का आरोप लगाया है।

संघर्ष ने बलूचिस्तान पर बढ़ाया नया दबाव

हालिया हवाई हमलों और उग्रवादी हमलों ने बलूचिस्तान में लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष पर फिर से ध्यान केंद्रित किया है। पाकिस्तानी हवाई हमलों में नागरिकों की कथित मौत और BLA द्वारा किए गए हमलों से प्रांत में एक और बड़ा तनाव बढ़ने के संकेत मिलते हैं।

जैसे-जैसे सुरक्षा बल उग्रवादियों के खिलाफ अभियान तेज कर रहे हैं और विद्रोही समूह सैन्य व पुलिस ठिकानों पर हमले जारी रखे हुए हैं, यह संघर्ष पाकिस्तान के लिए एक बड़ी सुरक्षा चुनौती बना हुआ है।