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फीफा विश्व कप 2026: इंग्लैंड ने वापसी करके नॉर्वे को 2-1 से हराया, बेलिंगहैम ने दो गोल कर चमक बिखेरी
जूड बेलिंगहैम ने दो गोल किए, जिसमें अतिरिक्त समय में किया गया निर्णायक गोल भी शामिल है। उनकी शानदार पारी की बदौलत इंग्लैंड ने नॉर्वे को 2-1 से हराकर वापसी की और विश्व कप के सेमीफाइनल में जगह बना ली।

जूड बेलिंगहैम ने एक बार फिर इंग्लैंड के लिए शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने दो गोल करके टीम को विश्व कप क्वार्टर फाइनल में नॉर्वे के खिलाफ अतिरिक्त समय में 2-1 से रोमांचक जीत दिलाई।

मिडफील्डर बेलिंगहैम ने पहले हाफ में एंड्रियास शेल्डेरुप के गोल से पिछड़ने के बाद इंग्लैंड की बराबरी कराई और फिर अतिरिक्त समय के 93वें मिनट में निर्णायक गोल दागकर टीम को जीत दिलाई। इस जीत के साथ इंग्लैंड विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंच गया है, जहां उसका सामना अटलांटा में अर्जेंटीना या स्विट्जरलैंड में से किसी एक टीम से होगा।

धीमी शुरुआत के बाद नॉर्वे ने बनाई बढ़त

मैच की शुरुआत काफी सतर्क रही और दोनों टीमें शुरुआती समय में मौके बनाने में संघर्ष करती नजर आईं।

हैरी केन ने मैच का पहला प्रयास किया, लेकिन उनका फ्री-किक शॉट क्रॉसबार के ऊपर से निकल गया। इसके कुछ ही समय बाद जॉन स्टोन्स की एक गलत पास से नॉर्वे को मौका मिल सकता था, लेकिन गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड ने तेजी दिखाते हुए एर्लिंग हालैंड के पहुंचने से पहले गेंद को खतरे से बाहर कर दिया।

धीरे-धीरे नॉर्वे ने मैच पर पकड़ बनानी शुरू की और 36वें मिनट में बढ़त हासिल कर ली। एंड्रियास शेल्डेरुप बाएं किनारे से अंदर आए और ऐसा लगा कि वह हालैंड के लिए क्रॉस कर रहे हैं, लेकिन गेंद दूर वाले पोस्ट के अंदरूनी हिस्से से टकराकर सीधे गोल में चली गई। इससे नॉर्वे को अप्रत्याशित बढ़त मिल गई।

बेलिंगहैम ने इंग्लैंड की कराई वापसी

दूसरे हाफ में इंग्लैंड ने दबाव बढ़ाया और आखिरकार बेलिंगहैम के गोल से बराबरी हासिल कर ली। मिडफील्डर ने विश्व कप में अपनी शानदार फॉर्म जारी रखते हुए इंग्लैंड को मुकाबले में वापस ला दिया। निर्धारित 90 मिनट में दोनों टीमें कोई और गोल नहीं कर सकीं, जिसके बाद मैच अतिरिक्त समय में पहुंचा।

अतिरिक्त समय में इंग्लैंड ने पूरी की वापसी

अतिरिक्त समय की शुरुआत इंग्लैंड ने आक्रामक अंदाज में की। मॉर्गन रोजर्स ने लंबी दूरी से घुमावदार शॉट लगाकर नॉर्वे के गोलकीपर ऑरयान न्यूलैंड की परीक्षा ली।न्यूलैंड इस शॉट को पकड़ नहीं सके और रिबाउंड पर बेलिंगहैम ने सबसे तेज प्रतिक्रिया देते हुए 93वें मिनट में गोल कर दिया। यह गोल इंग्लैंड की वापसी को पूरा करने वाला और निर्णायक साबित हुआ।

अतिरिक्त समय में इंग्लैंड को पेनल्टी मिलने की उम्मीद थी, लेकिन वीडियो समीक्षा के बाद रेफरी ने अपना फैसला बदल दिया। नॉर्वे के कोच स्टाले सोलबक्केन ने भी एक चौंकाने वाला फैसला लिया और अतिरिक्त समय के हाफ टाइम में एर्लिंग हालैंड को मैदान से बाहर कर दिया।

इंग्लैंड लगातार हमले करता रहा। डीजेड स्पेंस के लंबी दूरी के प्रयास को न्यूलैंड ने रोकने की कोशिश में गेंद छोड़ दी, लेकिन बाद में उन्होंने बुकायो साका के रिबाउंड शॉट को रोक दिया। हालांकि, तब तक इंग्लैंड जीत सुनिश्चित कर चुका था।

धीमा मुकाबला आखिरकार रोमांचक बना

क्वार्टर फाइनल मुकाबले को गति पकड़ने में काफी समय लगा। मैच का पहला शॉट 29वें मिनट में हैरी केन ने लगाया। यह इस विश्व कप में किसी भी मैच में सबसे देर से आया पहला प्रयास था।

शेल्डेरुप के शानदार फिनिश ने आखिरकार गतिरोध तोड़ा। नॉर्वे के इस युवा खिलाड़ी ने टूर्नामेंट में अब तक चार गोल योगदान दर्ज किए हैं, जिसमें एक गोल और तीन असिस्ट शामिल हैं। 22 वर्ष या उससे कम उम्र के खिलाड़ियों में केवल जोहान मांजांबी ने उनसे अधिक गोल योगदान दिया है।

बेलिंगहैम का ऐतिहासिक विश्व कप अभियान जारी

बेलिंगहैम ने एक बार फिर साबित किया कि वह इंग्लैंड के सबसे बड़े मैच विनर हैं। 23 वर्षीय खिलाड़ी ने 2026 विश्व कप में अब तक पेनल्टी के अलावा छह गोल किए हैं। इंग्लैंड के लिए एक ही विश्व कप में इससे ज्यादा गोल केवल गैरी लाइनकर ने किए थे, जिन्होंने 1986 में यह उपलब्धि हासिल की थी।

बेलिंगहैम ने इंग्लैंड के लिए बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में अपने गोल योगदान की संख्या भी 12 तक पहुंचा दी है, जिसमें नौ गोल और तीन असिस्ट शामिल हैं। इंग्लैंड के लिए प्रमुख टूर्नामेंटों में उनसे ज्यादा गोल योगदान केवल हैरी केन (25) और डेविड बेकहम (14) ने किया है।

बेलिंगहैम ने एक और इतिहास रचा। वह 1986 में डिएगो माराडोना के बाद विश्व कप के लगातार नॉकआउट मैचों में दो या उससे अधिक गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए। 23 साल और 12 दिन की उम्र में वह पेले के बाद इस उपलब्धि को हासिल करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी भी बन गए। पेले ने 1958 विश्व कप में यह कारनामा किया था।

इंग्लैंड ने हालैंड को रखा शांत

हालांकि मैच के कई हिस्सों में गुणवत्ता की कमी दिखाई दी, लेकिन इंग्लैंड की रक्षा पंक्ति ने टूर्नामेंट के अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों में से एक दिया। थ्री लॉयन्स ने नॉर्वे के हमलों को सीमित रखा और एर्लिंग हालैंड को गोल करने से रोक दिया।

इंग्लैंड पहली ऐसी टीम बन गई जिसने अक्टूबर 2024 में ऑस्ट्रिया के बाद किसी प्रतिस्पर्धी अंतरराष्ट्रीय मैच में हालैंड को गोल करने से रोका। इससे हालैंड की 636 दिनों से चली आ रही गोल करने की श्रृंखला समाप्त हो गई।

पिकफोर्ड और केन ने हासिल किए बड़े रिकॉर्ड

इस जीत के साथ इंग्लैंड के दो प्रमुख खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत उपलब्धियां भी हासिल कीं। जॉर्डन पिकफोर्ड ने अपना 18वां विश्व कप मैच खेला, जो किसी भी इंग्लिश खिलाड़ी द्वारा सबसे अधिक है।

हैरी केन ने अपना 120वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेला और इंग्लैंड के इतिहास में सबसे अधिक मैच खेलने के मामले में वेन रूनी के बराबर पहुंच गए। इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा मैच खेलने का रिकॉर्ड अभी भी पीटर शिल्टन के नाम है, जिन्होंने 125 मुकाबले खेले हैं।