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फीफा विश्व कप 2026: किलियन एम्बाप्पे के शानदार दो गोल से फ्रांस ने स्वीडन को 3-0 से हराया, पराग्वे से होगी राउंड ऑफ 16 में भिड़ंत
किलियन एम्बाप्पे के शानदार दो गोल और माइकल ओलिसे के बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत फ्रांस ने स्वीडन को 3-0 से करारी शिकस्त देकर फीफा विश्व कप के राउंड ऑफ 16 में अपनी जगह पक्की कर ली। अब अंतिम-16 में फ्रांस का सामना पराग्वे से होगा।

फ्रांस ने फीफा विश्व कप में एक और शानदार प्रदर्शन करते हुए राउंड ऑफ 32 के मुकाबले में स्वीडन को 3-0 से हराकर अंतिम-16 (राउंड ऑफ 16) में अपनी जगह पक्की कर ली। किलियन एम्बाप्पे ने दो गोल किए, जबकि माइकल ओलिसे ने हर विभाग में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए फ्रांस की जीत में अहम भूमिका निभाई। इस जीत के साथ 'ले ब्लूज़' ने राउंड ऑफ 16 में पराग्वे के खिलाफ मुकाबला तय कर लिया।

एम्बाप्पे के दो गोल से फ्रांस अंतिम-16 में

किलियन एम्बाप्पे ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में क्यों गिने जाते हैं। फ्रांस के कप्तान ने दो गोल दागकर अपनी टीम को स्वीडन पर आसान जीत दिलाई। उन्होंने शानदार टीम मूव के बाद हाफटाइम से ठीक पहले पहला गोल किया और दूसरे हाफ में अपना दूसरा गोल दागकर फ्रांस की जीत पर मुहर लगा दी।0

इस शानदार जीत के साथ फ्रांस अब राउंड ऑफ 16 में पराग्वे से भिड़ेगा।

शुरुआत से अंत तक फ्रांस का दबदबा

न्यूयॉर्क न्यू जर्सी स्टेडियम में 80,663 दर्शकों की मौजूदगी में फ्रांस ने मैच की शुरुआत से ही पूरी तरह नियंत्रण बनाए रखा। दिदिएर डेशॉं की टीम ने अधिकांश समय गेंद पर कब्जा रखा और पूरे मुकाबले में लगातार स्वीडन के गोल पर खतरा पैदा किया।

पहला गोल करने से पहले ही फ्रांस दो बार गोलपोस्ट को निशाना बना चुका था। एम्बाप्पे का एक शॉट पोस्ट से टकराया, जबकि माइकल ओलिसे का प्रयास भी गोलपोस्ट 0से टकराकर बाहर चला गया। स्वीडन पूरे मैच में फ्रांस की रफ्तार, मूवमेंट और रचनात्मक खेल का जवाब नहीं दे सका और अधिकांश समय उसे रक्षात्मक खेल खेलना पड़ा।

माइकल ओलिसे का शानदार प्रदर्शन

माइकल ओलिसे इस मुकाबले के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में शामिल रहे। उनकी बेहतरीन पासिंग, ड्रिब्लिंग और मूवमेंट ने लगातार स्वीडन की रक्षापंक्ति को परेशान किया।

दूसरे हाफ की शुरुआत में उन्होंने ब्रैडली बारकोला के गोल में असिस्ट किया। इसके बाद उन्होंने एक और शानदार पास देकर एम्बाप्पे के दूसरे गोल की नींव रखी। हालांकि वह खुद गोल नहीं कर सके, लेकिन पूरे मुकाबले में उनका प्रभाव साफ दिखाई दिया।

विश्व कप इतिहास के करीब पहुंचे एम्बाप्पे

एम्बाप्पे के दो गोलों ने उन्हें इस विश्व कप के शीर्ष गोल स्कोररों की सूची में और ऊपर पहुंचा दिया। फ्रांस के कप्तान अब इस टूर्नामेंट में छह गोल कर चुके हैं और गोल्डन बूट की दौड़ में लियोनेल मेसी की बराबरी पर पहुंच गए हैं।

विश्व कप में उनके कुल गोलों की संख्या अब 18 हो गई है और वह मेसी के 19 विश्व कप गोलों के रिकॉर्ड से केवल एक गोल पीछे हैं। महज 27 वर्ष की उम्र में एम्बाप्पे के पास इस रिकॉर्ड को तोड़ने के कई मौके हैं।

डेशॉं के लिए भावुक जश्न

अपना पहला गोल करने के बाद एम्बाप्पे सीधे टचलाइन पर पहुंचे और मुख्य कोच दिदिएर डेशॉं को गले लगाया। डेशॉं अपनी मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए स्वदेश लौटे थे, जिसके कारण वह नॉर्वे के खिलाफ फ्रांस का आखिरी ग्रुप मैच नहीं खेला सके थे। यह भावुक पल खिलाड़ियों और अपने कोच के बीच मजबूत रिश्ते को दर्शाता है।

डेशॉं इस विश्व कप के बाद फ्रांस के मुख्य कोच पद से इस्तीफा दे देंगे और उनके 14 वर्षों के सफल कार्यकाल का अंत होगा। उनके नेतृत्व में फ्रांस ने 2018 फीफा विश्व कप का खिताब जीता था। इससे पहले वह 1998 में कप्तान के रूप में भी फ्रांस को पहला विश्व कप जिताने वाली टीम का हिस्सा रहे थे।

राउंड ऑफ 16 में पराग्वे से होगी भिड़ंत

राउंड ऑफ 16 में फ्रांस का सामना पराग्वे से होगा। यह मुकाबला फ्रांसीसी फुटबॉल प्रशंसकों के लिए खास यादें भी ताजा करेगा। 1998 फीफा विश्व कप में फ्रांस ने राउंड ऑफ 16 में लॉरेंट ब्लांक के यादगार 'गोल्डन गोल' की बदौलत पराग्वे को 1-0 से हराया था और बाद में घरेलू मैदान पर विश्व कप ट्रॉफी भी अपने नाम की थी।

अब एक बार फिर दोनों टीमें आमने-सामने होंगी। इस बार मुकाबला फिलाडेल्फिया में खेला जाएगा, जिसमें फ्रांस को प्रबल दावेदार माना जा रहा है।

स्वीडन नहीं दे सका कड़ी टक्कर

स्वीडन के पास विक्टर ग्योकेरेस, अलेक्जेंडर इसाक और एंथनी एलांगा जैसे प्रीमियर लीग के स्टार खिलाड़ी मौजूद थे, लेकिन ग्राहम पॉटर की टीम पूरे मुकाबले में गेंद पर पर्याप्त नियंत्रण हासिल नहीं कर सकी और न ही कोई बड़ा गोल का मौका बना सकी।

फ्रांस की मजबूत मिडफील्ड और अनुशासित रक्षापंक्ति ने स्वीडन के आक्रमण को पूरी तरह बेअसर कर दिया। हालांकि स्वीडन का विश्व कप सफर निराशाजनक अंदाज में समाप्त हुआ, लेकिन प्लेऑफ के जरिए नॉकआउट चरण तक पहुंचना ही टीम के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना गया।

शुरुआती ऑफसाइड से फ्रांस को मिली निराशा

मैच के 20वें मिनट में फ्रांस को लगा कि उसने बढ़त हासिल कर ली है। माइकल ओलिसे ने शानदार थ्रू बॉल खेली, जिस पर किलियन एम्बाप्पे ने गोलकीपर को छकाते हुए आसानी से गेंद को गोल में पहुंचा दिया। हालांकि, जश्न ज्यादा देर तक नहीं चल सका क्योंकि ऑफसाइड के बेहद करीबी फैसले के कारण गोल रद्द कर दिया गया।

इसके बावजूद फ्रांस ने अपना संयम नहीं खोया और स्वीडन पर दबाव बढ़ा दिया। इसके बाद जूल्स कुंडे के बेहतरीन क्रॉस पर एम्बाप्पे का शॉट गोलपोस्ट से टकरा गया, जबकि एड्रियन राबियो का लंबी दूरी से लगाया गया शॉट मामूली अंतर से लक्ष्य से चूक गया।

हाफटाइम से पहले फ्रांस ने बनाई बढ़त

पहले हाफ के दौरान फ्रांस लगातार गोल के मौके बनाता रहा। माइकल ओलिसे लगभग टूर्नामेंट के सबसे शानदार गोलों में से एक करने वाले थे, लेकिन उनकी बेहतरीन ओवरहेड बाइसाइकिल किक गोलपोस्ट से टकरा गई। रीबाउंड पर उस्मान डेम्बेले सबसे पहले पहुंचे, लेकिन उनका शॉट गोल के बाहर चला गया।

आखिरकार हाफटाइम से ठीक पहले फ्रांस को सफलता मिल गई। स्वीडन के गोलकीपर जैकब विडेल ज़ेटरस्ट्रोम ने पहले ओलिसे के एक और प्रयास को रोक दिया, लेकिन इसके बाद मिले कॉर्नर पर डेम्बेले और ओलिसे ने शानदार तालमेल दिखाते हुए गेंद एम्बाप्पे तक पहुंचाई। फ्रांस के कप्तान ने बिना कोई गलती किए गेंद को गोल में पहुंचाकर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी।

बारकोला और एम्बाप्पे ने जीत की कहानी पूरी की

स्वीडन को उम्मीद थी कि हाफटाइम के बाद वह वापसी करेगा, लेकिन दूसरे हाफ की शुरुआत के सिर्फ आठ मिनट बाद ही फ्रांस ने अपनी बढ़त दोगुनी कर दी। माइकल ओलिसे ने गुस्ताफ लागरबिएल्के के पैरों के बीच से शानदार पास निकाला, जिस पर ब्रैडली बारकोला ने तेजी से दौड़ लगाई और शानदार फिनिश के साथ गोल कर दिया। इसके कुछ देर बाद ओलिसे के पास खुद गोल करने का मौका भी आया, लेकिन वह उसका फायदा नहीं उठा सके।

हालांकि, उन्होंने इसकी भरपाई एक और शानदार असिस्ट देकर कर दी। ओलिसे के सटीक पास पर एम्बाप्पे ने 74वें मिनट में बेहतरीन कर्लिंग शॉट लगाकर गेंद को जाल में पहुंचाया और फ्रांस की 3-0 की शानदार जीत पर मुहर लगा दी।

खिताब के प्रबल दावेदार के रूप में उभरा फ्रांस

इस विश्व कप में हर मैच के साथ फ्रांस का प्रदर्शन और भी प्रभावशाली होता जा रहा है। किलियन एम्बाप्पे, माइकल ओलिसे, उस्मान डेम्बेले और ब्रैडली बारकोला की आक्रामक चौकड़ी हर विपक्षी रक्षापंक्ति के लिए लगातार मुश्किलें खड़ी कर रही है। वहीं टीम का संतुलित खेल उसे खिताब के सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल करता है।

हालांकि टूर्नामेंट के आगे के चरणों में फ्रांस को अधिक कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन टीम पूरे आत्मविश्वास के साथ राउंड ऑफ 16 में प्रवेश कर रही है। मौजूदा फॉर्म को देखते हुए पराग्वे के लिए फ्रांस को रोकना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होगा।