संयुक्त राज्य अमेरिका के साउथर्न कमांड ने बुधवार को कहा कि अमेरिकी सेना ने कैरिबियन में एक संदिग्ध ड्रग-तस्करी जहाज़ पर एक और हमला किया। इस हमले में चार लोगों की मौत हो गई।
X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कमांड ने कहा कि उसने “नामित आतंकवादी संगठनों द्वारा संचालित एक जहाज़ पर घातक काइनेटिक स्ट्राइक” की। यह कमांड लैटिन अमेरिका में अमेरिकी सैन्य अभियानों के लिए जिम्मेदार है।
Applying total systemic friction on the cartels.
— U.S. Southern Command (@Southcom) March 25, 2026
On March 25, at the direction of #SOUTHCOM commander Gen. Francis L. Donovan, Joint Task Force Southern Spear conducted a lethal kinetic strike on a vessel operated by Designated Terrorist Organizations. Intelligence confirmed… pic.twitter.com/VTzo4wkbpG
मृतकों की संख्या बढ़कर 163 हुई
इस ताज़ा कार्रवाई के साथ, पिछले साल सितंबर में अमेरिकी रक्षा विभाग द्वारा कथित “नार्को-आतंकवादियों” को निशाना बनाना शुरू करने के बाद से मृतकों की कुल संख्या कम से कम 163 तक पहुंच गई है। अब तक सेना ऐसे 45 हमले जहाज़ों पर कर चुकी है।
हालांकि, कमांड ने अपने दावों के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया। उसने कहा कि “खुफिया जानकारी ने पुष्टि की कि जहाज़ कैरिबियन में ज्ञात ड्रग-तस्करी मार्गों पर जा रहा था और तस्करी गतिविधियों में शामिल था।”
ताज़ा ऑपरेशन का विवरण
बयान के अनुसार, इस हमले में चार संदिग्ध तस्कर मारे गए। अमेरिकी सेना का कोई भी जवान घायल नहीं हुआ। अधिकारियों ने कहा कि यह ऑपरेशन कार्टेल्स पर “पूर्ण प्रणालीगत दबाव” डालने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
इससे पहले, पिछले शुक्रवार को अमेरिकी सेना ने पूर्वी प्रशांत महासागर में इसी तरह का हमला किया था। उस ऑपरेशन में दो लोगों की मौत हुई थी और एक व्यक्ति बच गया था।
सबूत और वैधता पर सवाल
हालांकि अमेरिका इन कार्रवाइयों को “नार्को-आतंकवाद” के खिलाफ अपनी लड़ाई का हिस्सा बताता है, लेकिन उसने यह स्पष्ट प्रमाण नहीं दिया है कि निशाना बनाए गए जहाज़ वास्तव में ड्रग्स ले जा रहे थे।
अतीत में संयुक्त राष्ट्र और कई मानवीय संगठनों ने ऐसे हमलों की आलोचना की है और उन्हें गैर-न्यायिक हत्याएं (एक्स्ट्राज्यूडिशियल किलिंग) बताया है।
आंकड़े उठाते हैं और सवाल
2020 में अमेरिकी ड्रग एन्फोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में पहुंचने वाली 74 प्रतिशत कोकीन प्रशांत मार्ग से आती है, जबकि केवल 8 प्रतिशत कैरिबियन से तेज़ नावों के जरिए आती है।
इस वजह से कैरिबियन में जहाज़ों को निशाना बनाने के औचित्य पर सवाल बने हुए हैं। अब तक व्हाइट हाउस ने इन सैन्य कार्रवाइयों के पीछे के सबूतों को स्पष्ट रूप से नहीं बताया है।
