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फीफा विश्व कप 2026: मेसी के जादू से अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 2-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई
लियोनेल मेसी की शानदार प्रेरणादायक कप्तानी और दो अहम असिस्ट की बदौलत मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना ने आखिरी मिनटों में शानदार वापसी करते हुए इंग्लैंड को 2-1 से हरा दिया। इस जीत के साथ अर्जेंटीना ने फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल में जगह बना ली, जहां उसका मुकाबला स्पेन से होगा।

लियोनेल मेसी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उन्हें फुटबॉल इतिहास के महानतम खिलाड़ियों में क्यों गिना जाता है। अर्जेंटीना ने फीफा विश्व कप के सेमीफाइनल में आखिरी मिनटों में शानदार वापसी करते हुए इंग्लैंड को 2-1 से हरा दिया। मौजूदा विश्व चैंपियन ने मैच के अंतिम क्षणों में दो गोल दागकर फाइनल में प्रवेश किया, जहां रविवार को न्यूयॉर्क-न्यू जर्सी स्टेडियम में उसका सामना स्पेन से होगा।

दूसरे हाफ में एंथनी गॉर्डन के गोल के बाद इंग्लैंड जीत की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा था, लेकिन मेसी की शानदार खेल प्रतिभा ने मुकाबले का रुख बदल दिया। एंजो फर्नांडीज ने बराबरी का गोल दागा, जबकि लाउतारो मार्टिनेज ने हेडर के जरिए विजयी गोल कर अर्जेंटीना को यादगार जीत दिलाई।

पहले हाफ में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर

सेमीफाइनल की शुरुआत बेहद सतर्क अंदाज़ में हुई। दोनों टीमों ने आक्रामक खेल की बजाय अपनी रक्षात्मक रणनीति पर ज़ोर दिया। लगातार फाउल और शारीरिक टक्कर के कारण खेल बार-बार रुका, जिससे किसी भी टीम को लय बनाने का मौका नहीं मिला।

इंग्लैंड ने पहला अच्छा मौका बनाया जब डेक्लन राइस ने फ्री-किक पर शानदार क्रॉस दिया। जॉन स्टोन्स सबसे ऊंची छलांग लगाकर हेडर लगाया, लेकिन गेंद गोलपोस्ट के बाहर निकल गई।

हाफ टाइम से पहले अर्जेंटीना ने लय पकड़नी शुरू की। मेसी का शॉट बॉक्स के अंदर ब्लॉक हो गया, जिसके बाद एंजो फर्नांडीज ने रिबाउंड पर शॉट लगाया, लेकिन गेंद क्रॉसबार के ऊपर से निकल गई। पहले हाफ में दोनों टीमों की ओर से गोलपोस्ट पर एक भी शॉट दर्ज नहीं हुआ।

दूसरे हाफ में अर्जेंटीना ने बढ़ाया दबाव

ब्रेक के बाद अर्जेंटीना ने कहीं अधिक आक्रामक शुरुआत की। जूलियन अल्वारेज़ ने डेजेड स्पेंस को पछाड़ते हुए इंग्लैंड की रक्षा पंक्ति को परेशान किया, लेकिन गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड ने शानदार बचाव किया। इसके बाद अल्वारेज़ का एक और प्रयास डिफ्लेक्ट होकर साइड नेटिंग में चला गया।

हालांकि शुरुआती बढ़त अर्जेंटीना के पास थी, लेकिन पहला गोल इंग्लैंड ने किया।

एंथनी गॉर्डन ने इंग्लैंड को दिलाई बढ़त

55वें मिनट में इंग्लैंड ने शानदार टीम मूव के दम पर बढ़त हासिल की। लिसांद्रो मार्टिनेज ने पहले एक हमले को शानदार तरीके से क्लियर किया, लेकिन गेंद डेक्लन राइस के पास पहुंची। उन्होंने तुरंत मॉर्गन रोजर्स को पास दिया, जिनके बेहतरीन क्रॉस पर एंथनी गॉर्डन ने सही समय पर दौड़ लगाते हुए गेंद को आसानी से गोल में पहुंचा दिया।

यह गोल इंग्लैंड के लिए गॉर्डन की शानदार फॉर्म को भी दर्शाता है।

पिकफोर्ड ने इंग्लैंड की बढ़त बचाए रखी

गोल खाने के बाद अर्जेंटीना ने लगातार हमले शुरू कर दिए। डेजेड स्पेंस ने जूलियानो सिमेओने को गोल करने से रोकने के लिए शानदार टैकल किया। इसके कुछ ही क्षण बाद जॉर्डन पिकफोर्ड ने निको गोंजालेज़ के हेडर पर बेहतरीन रिफ्लेक्स सेव किया।

इसके बाद एलेक्सिस मैक एलिस्टर, रोड्रिगो डी पॉल के शानदार क्रॉस पर हेडर लगाकर लगभग बराबरी कर चुके थे, लेकिन गेंद पोस्ट से टकराकर बाहर आ गई। निको गोंजालेज़ का एक और खतरनाक हेडर भी किसी साथी खिलाड़ी तक नहीं पहुंच सका।

मेसी ने कराई शानदार वापसी

नियत समय समाप्त होने से पांच मिनट पहले अर्जेंटीना को बराबरी का गोल मिला। जॉर्डन पिकफोर्ड ने एंजो फर्नांडीज के एक और दमदार शॉट को रोक दिया, लेकिन मेसी ने तुरंत शानदार पास दिया। फर्नांडीज ने भीड़भाड़ वाले पेनाल्टी क्षेत्र से शानदार कर्लिंग शॉट लगाकर गेंद को दूर वाले कोने में पहुंचा दिया और स्कोर 1-1 कर दिया।

इस गोल के बाद मुकाबले की पूरी तस्वीर बदल गई।

लाउतारो मार्टिनेज ने दिलाई ऐतिहासिक जीत

सात मिनट बाद अर्जेंटीना ने विजयी गोल भी कर दिया। एलेक्सिस मैक एलिस्टर का नीचा शॉट पोस्ट से टकराकर वापस आया। मेसी ने तुरंत रिबाउंड पर कब्जा किया और एक और सटीक क्रॉस बॉक्स में भेजा।

लाउतारो मार्टिनेज अपने मार्कर से बच निकले और बिना किसी चुनौती के दमदार हेडर लगाकर गेंद को गोल में पहुंचा दिया। इसके साथ ही अर्जेंटीना ने 2-1 से रोमांचक जीत दर्ज कर फाइनल में प्रवेश कर लिया।

अर्जेंटीना ने फिर दिखाई चैंपियन जैसी मानसिकता

इस मुकाबले ने दबाव में अर्जेंटीना की मजबूती और धैर्य को एक बार फिर साबित किया। शुरुआती दौर में दोनों टीमों को मौके बनाने में संघर्ष करना पड़ा, लेकिन विश्व चैंपियन टीम ने धैर्य बनाए रखा और सही समय पर अपने अवसरों का पूरा फायदा उठाया।

यही कारण है कि अर्जेंटीना आज भी विश्व फुटबॉल की सबसे मजबूत टीमों में गिनी जाती है।

सेमीफाइनल में बने कई अनोखे रिकॉर्ड

पहले हाफ में कुल 19 फाउल हुए और गोलपोस्ट पर एक भी शॉट नहीं लगा। यह विश्व कप इतिहास में किसी भी हाफ का सबसे अधिक फाउल और बिना एक भी ऑन-टारगेट शॉट वाला रिकॉर्ड बन गया।

इसके अलावा, 1966 के बाद यह पहला विश्व कप मैच रहा जिसमें शुरुआती 30 मिनट तक किसी भी टीम ने गोल की दिशा में एक भी शॉट नहीं लगाया। पहले हाफ का संयुक्त अपेक्षित गोल (xG) सिर्फ 0.08 रहा, जो विश्व कप के किसी भी नॉकआउट मुकाबले के पहले हाफ का सबसे कम आंकड़ा है।

गॉर्डन की शानदार फॉर्म जारी

हालांकि इंग्लैंड हार गया, लेकिन एंथनी गॉर्डन ने एक बार फिर बेहतरीन प्रदर्शन किया। अब वह इंग्लैंड के लिए अपने पिछले सात मैचों में छह गोल में सीधे योगदान दे चुके हैं। इस दौरान उन्होंने दो गोल किए और चार गोल में सहायता (असिस्ट) दी।

यह उनके शुरुआती 18 अंतरराष्ट्रीय मैचों में सिर्फ दो गोल योगदान की तुलना में बड़ा सुधार है।

मेसी ने विश्व कप में रचा नया इतिहास

मेसी ने एक बार फिर सबसे बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इंग्लैंड के खिलाफ दो असिस्ट के साथ वह लगातार 11 विश्व कप मैचों में गोल या असिस्ट करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं। 1966 से उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार यह सबसे लंबी ऐसी श्रृंखला है।

इसके अलावा मेसी अब विश्व कप में कुल 12 असिस्ट कर चुके हैं, जिनमें 10 नॉकआउट मुकाबलों में आए हैं। विश्व कप इतिहास में किसी भी अन्य खिलाड़ी ने आठ से अधिक असिस्ट दर्ज नहीं किए हैं।

इंग्लैंड का एक और सेमीफाइनल में दिल टूटा

इंग्लैंड के लिए यह हार एक और दर्दनाक विश्व कप विदाई साबित हुई। ठीक 2018 विश्व कप सेमीफाइनल में क्रोएशिया के खिलाफ की तरह इस बार भी इंग्लैंड ने पहले गोल किया, लेकिन अंत में दो गोल खाकर मुकाबला गंवा दिया।

इसके साथ ही इंग्लैंड का विश्व कप फाइनल में पहुंचने का इंतजार और लंबा हो गया, जबकि अर्जेंटीना अब स्पेन के खिलाफ फाइनल में अपना विश्व खिताब बचाने से सिर्फ एक कदम दूर है।