मंगलवार को ए टी एंड टी स्टेडियम में खेले गए फीफा विश्व कप सेमीफाइनल में स्पेन ने अनुशासित प्रदर्शन करते हुए फ्रांस को 2-0 से हरा दिया। इस जीत के साथ ला रोजा ने 2010 के बाद पहली बार विश्व कप फाइनल में प्रवेश किया। पहले हाफ में मिकेल ओयारज़ाबाल ने पेनल्टी पर गोल किया, जबकि दूसरे हाफ में पेड्रो पोरो ने शानदार गोल दागकर फ्रांस की लगातार तीसरी विश्व कप फाइनल में पहुंचने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
स्पेन ने अपने यूरोपीय प्रतिद्वंद्वी फ्रांस पर हालिया दबदबा भी कायम रखा। उसने लगातार तीसरे बड़े टूर्नामेंट में फ्रांस को बाहर किया। इससे पहले स्पेन ने यूरो 2024 के सेमीफाइनल, पिछले साल नेशंस लीग और अब विश्व कप में फ्रांस को मात दी। मैच से एक दिन पहले अपना 19वां जन्मदिन मनाने वाले युवा स्टार लामिन यामाल एक बार फिर स्पेन के सबसे खतरनाक आक्रमणकारी खिलाड़ी साबित हुए।
यामाल ने दिलाई पेनल्टी
स्पेन ने मैच के 22वें मिनट में बढ़त बनाई। लुकास डिग्ने ने अपने ही पेनल्टी बॉक्स में हेडर का गलत आकलन किया, जिसके बाद लामिन यामाल ढीली गेंद की ओर तेजी से बढ़े। गोल की ओर दौड़ रहे यामाल को रोकने की कोशिश में डिग्ने ने उन्हें किक मार दी। रेफरी ने तुरंत पेनल्टी का इशारा किया।
मिकेल ओयारज़ाबाल ने बिना किसी गलती के गोलकीपर को गलत दिशा में भेजते हुए गेंद को जाल में पहुंचा दिया। यह टूर्नामेंट में उनका पांचवां गोल था। साथ ही, यह पहली बार था जब इस विश्व कप में स्पेन या फ्रांस में से कोई भी टीम पिछड़ी हो।
पूरे मैच में स्पेन का दबदबा
दुनिया की शीर्ष रैंकिंग वाली टीम फ्रांस पूरे मैच में अपनी लय नहीं पकड़ सकी। स्पेन की संगठित रक्षा पंक्ति ने किलियन एम्बाप्पे को अधिकांश समय प्रभावहीन बनाए रखा। फ्रांस स्पष्ट गोल के मौके बनाने में नाकाम रहा और स्पेन पर लगातार दबाव भी नहीं बना पाया।
58वें मिनट में स्पेन ने शानदार टीम मूव के बाद अपनी बढ़त दोगुनी कर दी। पेड्रो पोरो ने दानी ओल्मो के साथ तेज पासों का आदान-प्रदान किया और फिर जोरदार शॉट लगाकर गेंद को गोल में पहुंचा दिया। इस गोल के बाद सेमीफाइनल पर स्पेन का पूरा नियंत्रण हो गया।
फ्रांस नहीं कर सका वापसी
इसके कुछ ही देर बाद यामाल ने लगभग तीसरा गोल भी कर दिया था, लेकिन बहुत मामूली ऑफसाइड के कारण उनका गोल रद्द कर दिया गया। अंतिम मिनटों में फ्रांस ने आक्रामक खेल दिखाने की कोशिश की, लेकिन वह स्पेन की अनुशासित रक्षा पंक्ति को भेदने में सफल नहीं हो सका। स्पेन ने आत्मविश्वास के साथ अपनी दो गोल की बढ़त बनाए रखी और अंतिम सीटी तक जीत सुरक्षित रखी।
खिताब से सिर्फ एक कदम दूर स्पेन
अब स्पेन रविवार को न्यू जर्सी के ईस्ट रदरफोर्ड स्थित मेटलाइफ स्टेडियम में विश्व कप फाइनल खेलेगा। खिताबी मुकाबले में उसका सामना मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना या इंग्लैंड में से किसी एक टीम से होगा।
वहीं, फ्रांस शनिवार को मियामी गार्डन्स में तीसरे स्थान के प्लेऑफ मैच में उतरेगा।
एम्बाप्पे ने मानी टीम की कमी
मैच के बाद किलियन एम्बाप्पे ने स्वीकार किया कि फ्रांस अपनी रणनीति को मैदान पर उतारने में विफल रहा और स्पेन के प्रदर्शन की सराहना की।
उन्होंने कहा, "हम वैसा खेल नहीं खेल पाए जैसा हम चाहते थे, चाहे तकनीकी रूप से हो या सामरिक रूप से। जब आप विश्व कप सेमीफाइनल में अपनी योजना के अनुसार प्रदर्शन नहीं करते, तो जीत नहीं सकते। स्पेन ने अपनी रणनीति का पूरी तरह पालन किया। हमारी योजना उन पर ऊंचा दबाव बनाने की थी ताकि वे अपनी लय न बना सकें, लेकिन हम ऐसा नहीं कर पाए। तकनीकी रूप से हमने बहुत गलतियां कीं और जब हमारे पास उन्हें नुकसान पहुंचाने के मौके थे, तब भी हम उनका फायदा नहीं उठा सके।"
