इंग्लैंड ने वेस्ट एंड में खेले गए पांच मैचों की टी20 सीरीज के पांचवें मुकाबले में भारत को 56 रन से हरा दिया। पहले बल्लेबाजी का न्योता मिलने के बाद जोस बटलर और हैरी ब्रूक ने सिर्फ 103 गेंदों में दूसरे विकेट के लिए रिकॉर्ड 233 रनों की साझेदारी की।
इस शानदार साझेदारी की बदौलत इंग्लैंड ने अपना सबसे बड़ा टी20 अंतरराष्ट्रीय स्कोर बनाया और आईसीसी टी20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। इंग्लैंड ने मौजूदा विश्व चैंपियन टीम को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की।
जवाब में भारत ने नियमित अंतराल पर विकेट गंवाए और 20 ओवर में 8 विकेट पर 201 रन ही बना सका। ईशान किशन और तिलक वर्मा ने तेज अर्धशतक लगाए, लेकिन उनके प्रयास टीम को जीत दिलाने के लिए पर्याप्त नहीं थे। भारत 56 रन से हार गया।
इंग्लैंड की ओर से सैम करन सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने चार ओवर में 36 रन देकर तीन विकेट लिए। वहीं आदिल राशिद ने दो विकेट हासिल किए।
इस जीत के साथ इंग्लैंड ने सीरीज में 4-0 से क्लीन स्वीप पूरा कर लिया। भारत के लिए यह दौरा निराशाजनक रहा, क्योंकि टीम चार मैचों की सीरीज में एक भी मुकाबला नहीं जीत सकी।
ट्रैफिक जाम ने भारत की तैयारियों को किया प्रभावित
भारत की परेशानियां मैच शुरू होने से पहले ही शुरू हो गई थीं। टीम को साउथैम्पटन होटल से यूटिलिटा बाउल तक केवल छह मील की दूरी तय करनी थी, लेकिन भारी ट्रैफिक के कारण यह सफर 90 मिनट का हो गया। इसके चलते टॉस में 45 मिनट की देरी हुई।
मैदान पर पहुंचने के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीता और पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। हालांकि, अय्यर भारत के कप्तान के रूप में अब तक सात टॉस जीत चुके हैं, लेकिन उन्हें पहली जीत का इंतजार अभी भी है। इंग्लैंड ने परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाया और पहली ही गेंद से आक्रामक रवैया अपनाया।
बटलर ने शानदार शतक से आलोचकों को दिया जवाब
टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लंबे समय से साधारण प्रदर्शन कर रहे जोस बटलर ने शानदार शतक लगाकर आलोचकों को करारा जवाब दिया। इंग्लैंड के इस बल्लेबाज ने पिछले सितंबर से अपनी पिछली 18 टी20 अंतरराष्ट्रीय पारियों में 40 रन का आंकड़ा भी पार नहीं किया था। लेकिन जब टीम को उनकी सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब उन्होंने बेहतरीन पारी खेली। बटलर ने 34 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और इसके बाद पारी को और तेज कर दिया। शतक तक पहुंचने के लिए उन्हें केवल 17 और गेंदों की जरूरत पड़ी।
उन्होंने अक्षर पटेल की गेंद पर स्क्वायर लेग के ऊपर छक्का लगाकर अपना शतक पूरा किया। इसके बाद उन्होंने इंग्लैंड ड्रेसिंग रूम की ओर अंगूठा दिखाया और आसमान की ओर देखकर जश्न मनाया।
बाद में उन्होंने प्रिंस यादव के ओवर में लगातार चार चौके लगाए और फिर एक और लंबा छक्का लगाया। भारत ने 101 रन के निजी स्कोर पर उनका कैच छोड़ दिया, जिसका फायदा उठाते हुए बटलर ने दो और छक्के लगाए और आखिरकार 131 रन बनाकर आउट हुए।
हैरी ब्रूक का शानदार प्रदर्शन जारी
हैरी ब्रूक ने एक बार फिर साबित किया कि वह इंग्लैंड के सबसे खतरनाक टी20 बल्लेबाजों में से एक क्यों हैं। नंबर तीन पर बल्लेबाजी करते हुए ब्रूक ने शुरुआत से ही बेखौफ अंदाज दिखाया। उन्होंने केवल 19 गेंदों में अपना सबसे तेज टी20 अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक पूरा किया।
ब्रूक ने भारतीय गेंदबाजों पर खासकर ऑफ साइड में शानदार शॉट लगाए। उनके आठ छक्कों में से पांच डीप एक्स्ट्रा कवर और लॉन्ग ऑफ के ऊपर से गए। 16वें ओवर के अंत तक उन्होंने केवल 35 गेंदों में 85 रन बना लिए थे और शतक लगभग तय नजर आ रहा था। हालांकि, आखिरी ओवरों में भारतीय तेज गेंदबाजों ने सटीक यॉर्कर डालकर उन्हें रोक लिया और ब्रूक 95 रन पर नाबाद रहे। नंबर तीन पर बल्लेबाजी करते हुए ब्रूक ने शानदार प्रदर्शन किया है। इस क्रम पर अपनी पिछली सात पारियों में उनका औसत 72.4 और स्ट्राइक रेट 192.55 रहा है।
इंग्लैंड ने खड़ा किया विशाल स्कोर
इंग्लैंड ने शुरुआती विकेट के रूप में फिल साल्ट को जल्दी खो दिया, लेकिन इसके बाद उनकी रफ्तार कम नहीं हुई। बटलर और ब्रूक ने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण पर पूरी तरह दबदबा बनाया। उन्होंने खराब गेंदों को बाउंड्री के बाहर भेजा और पूरी पारी में स्कोरबोर्ड को लगातार आगे बढ़ाते रहे।
इंग्लैंड ने पांच ओवरों में 20 या उससे अधिक रन बनाए, जिससे भारत के सामने बहुत बड़ा लक्ष्य खड़ा हो गया। इंग्लैंड का यह स्कोर टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उसका तीसरा सबसे बड़ा स्कोर बन गया।
भारत कभी भी लक्ष्य का पीछा करने की स्थिति में नहीं दिखा
भारत शुरुआत से ही जरूरी रन रेट से पीछे रह गया। वैभव सूर्यवंशी के बाद टीम में वापसी करने वाले संजू सैमसन ने दो छक्के लगाकर शानदार शुरुआत की। हालांकि, वह बड़ी पारी नहीं खेल सके और कवर-पॉइंट पर कैच देकर आउट हो गए।
ईशान किशन ने 56 रन बनाए, लेकिन वह इतनी तेजी से रन नहीं बना सके कि भारत मुकाबले में बना रहे। तिलक वर्मा ने संघर्षपूर्ण 53 रन जोड़े, लेकिन उनकी पारी बहुत देर से आई और मैच का परिणाम बदलने के लिए पर्याप्त नहीं थी।
सैम करन ने इंग्लैंड की एक और आसान जीत पूरी कर दी, क्योंकि भारत लक्ष्य को कभी भी गंभीर चुनौती नहीं दे सका। भारत का सर्वश्रेष्ठ ओवर भी केवल 16 रन का रहा, जबकि इंग्लैंड पहले ही कई ओवरों में 20 से अधिक रन बनाकर अपना दबदबा दिखा चुका था।
भारत की फील्डिंग ने निराश किया
भारत ने मैदान पर बेहद खराब प्रदर्शन किया। इंग्लैंड की पारी के दौरान टीम ने तीन कैच छोड़े और कई मौके गंवाए। बटलर को 101 रन के स्कोर पर जीवनदान मिला, जबकि ब्रूक को भी 91 रन पर ईशान किशन ने डीप स्क्वायर लेग पर कैच छोड़ दिया। इन चूके हुए मौकों ने इंग्लैंड के बल्लेबाजों को अतिरिक्त महत्वपूर्ण रन जोड़ने का मौका दिया।
इंग्लैंड की गेंदबाजी ने शानदार प्रदर्शन पूरा किया
इंग्लैंड ने अपनी शानदार बल्लेबाजी के बाद अनुशासित गेंदबाजी से भी दबदबा बनाए रखा। आदिल राशिद ने अपने 150वें टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान किशन को आउट किया, जबकि बाकी गेंदबाजी आक्रमण ने लक्ष्य का पीछा करते समय रन गति पर नियंत्रण बनाए रखा। भारत कोई भी महत्वपूर्ण साझेदारी नहीं बना सका और नियमित अंतराल पर विकेट गंवाता रहा।
संक्षिप्त स्कोरकार्ड
इंग्लैंड (ENG): 257/3 (20) जोस बटलर 131(64), हैरी ब्रूक 95*(45), विल जैक्स 7*(2); शिवम दुबे 2/22(1), प्रसिद्ध कृष्णा 1/38(4)
भारत (IND): 201/8 (20) ईशान किशन 56(35), तिलक वर्मा 53(25), श्रेयस अय्यर 28(16); सैम करन 3/36(4), आदिल राशिद 2/24(3)
प्लेयर ऑफ द मैच: जोस बटलर प्लेयर ऑफ द सीरीज: हैरी ब्रूक
इंग्लैंड ने यूटिलिटा बाउल में खेले गए चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए भारत को बड़े अंतर से हराया और सीरीज में 4-0 से जीत दर्ज की। यह हार भारत के लिए निराशाजनक सीरीज का अंत रही। स्टेडियम में देर से पहुंचने के कारण टीम की तैयारियां प्रभावित हुईं, लेकिन उनकी समस्याएं केवल इतनी ही नहीं थीं। भारत आत्मविश्वास की कमी, महत्वपूर्ण कैच छोड़ने और बल्लेबाजी तथा गेंदबाजी दोनों में असफल रहने से जूझता रहा।
कप्तान श्रेयस अय्यर ने मैच से पहले चेतावनी दी थी कि वह खिलाड़ियों को "निराश होकर बैठे हुए" नहीं देखना चाहते, लेकिन इंग्लैंड ने एक बार फिर हर विभाग में अपना दबदबा कायम रखा। चार या उससे अधिक मैचों वाली टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में पहली बार भारत बिना एक भी जीत दर्ज किए सीरीज समाप्त करने वाली टीम बनी।नियमित अपडेट्स के लिए JUSZNEWS के साथ बने रहें!