कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में चीन की तेज प्रगति अमेरिकी सांसदों के बीच बढ़ती चिंता का कारण बन रही है। अमेरिकी कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि बीजिंग मौलिक नवाचार के बजाय चोरी की गई तकनीक पर निर्भर रहकर अपनी AI क्षमताओं को आगे बढ़ा सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी गतिविधियां अमेरिकी टेक कंपनियों और अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों के लिए खतरा बन सकती हैं।
जॉन मूलेनार ने कहा- चीन तकनीक चोरी पर निर्भर है
समिति के अध्यक्ष जॉन मूलेनार ने कहा कि चीन का AI विकास नवाचार की तुलना में चोरी पर अधिक निर्भर करता है। उन्होंने तर्क दिया कि चीन की गतिविधियां अमेरिकी टेक कंपनियों के लिए गंभीर जोखिम पैदा करती हैं और अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर कर सकती हैं।
मूलेनार ने यह भी कहा कि कांग्रेस उन्नत AI तकनीकों के लिए और सख्त निर्यात नियंत्रण लागू करने पर काम करती रहेगी। उन्होंने कहा कि सांसद उन खामियों को दूर करना चाहते हैं, जिनके जरिए चीन अत्याधुनिक अमेरिकी AI सिस्टम और संबंधित तकनीकों तक पहुंच हासिल कर सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि चीन की AI प्रगति को मापना मुश्किल
पेंटागन के पूर्व AI अधिकारी जेरेड डनमॉन ने कहा कि यह तय करना मुश्किल है कि चीन की AI प्रगति का कितना हिस्सा मौजूदा तकनीक की नकल से आया है और कितना वास्तविक शोध का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि बहस केवल इस बात तक सीमित नहीं होनी चाहिए कि चीन के पास अमेरिका से बेहतर AI है या नहीं। डनमॉन के अनुसार, असली चिंता किसी और दिशा में है।
सस्ती चीनी AI अमेरिकी कंपनियों को चुनौती दे सकती है
डनमॉन ने चेतावनी दी कि चीनी कंपनियां ऐसे AI सिस्टम विकसित कर सकती हैं, जो अमेरिकी मॉडलों के लगभग बराबर प्रदर्शन करें, लेकिन उन्हें काफी कम कीमत पर उपलब्ध कराएं।
उन्होंने कहा कि यह कीमत का फायदा दुनिया भर के व्यवसायों और सॉफ्टवेयर डेवलपर्स को अमेरिकी कंपनियों के बजाय चीनी AI प्लेटफॉर्म चुनने के लिए प्रेरित कर सकता है। कम लागत के कारण चीनी AI उत्पाद अधिक आकर्षक बन सकते हैं, खासकर उन कंपनियों के लिए जो किफायती विकल्प तलाश रही हैं।
अमेरिकी AI नेतृत्व के सामने बढ़ती प्रतिस्पर्धा
विशेषज्ञों का मानना है कि कम लागत वाली चीनी AI तकनीक का बढ़ता प्रभाव अमेरिकी टेक उद्योग के लिए लंबे समय की चुनौती बन सकता है। यदि अधिक कंपनियां चीनी AI प्लेटफॉर्म अपनाती हैं, तो अमेरिकी AI कंपनियां बाजार हिस्सेदारी और राजस्व खो सकती हैं।
विश्लेषकों ने यह भी चेतावनी दी कि ऐसा बदलाव धीरे-धीरे वैश्विक कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रतिस्पर्धा में अमेरिका के नेतृत्व को कमजोर कर सकता है। इससे दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते तकनीकी क्षेत्रों में से एक में प्रतिस्पर्धा और तेज हो सकती है।