स्विट्जरलैंड ने वैंकूवर के बीसी प्लेस स्टेडियम में 120 मिनट तक चले गोलरहित मुकाबले के बाद पेनल्टी शूटआउट में कोलंबिया को 4-3 से हराकर फीफा विश्व कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली।
गोलकीपर ग्रेगोर कोबेल टीम के हीरो साबित हुए। उन्होंने कुचो हर्नांडेज़ की पेनल्टी बचाई, जबकि स्थानापन्न खिलाड़ी रूबेन वर्गास ने निर्णायक पेनल्टी को सफलतापूर्वक गोल में बदलकर स्विट्जरलैंड को अंतिम आठ में पहुंचाया। अब क्वार्टर फाइनल में उसका सामना मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना से होगा।
कड़े मुकाबले में कम मिले गोल के मौके
मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। न तो कोई टीम गेंद पर पूरी तरह नियंत्रण बना सकी और न ही पहले हाफ में स्पष्ट गोल करने के अधिक मौके बने।
21वें मिनट में कोलंबिया ने बढ़त बनाने का सबसे अच्छा मौका बनाया, जब गुस्तावो पुएर्ता ने शानदार कर्लिंग शॉट लगाया। हालांकि, ग्रेगोर कोबेल ने बेहतरीन बचाव करते हुए गेंद को बाहर धकेल दिया।
हाफ टाइम से पहले स्विट्जरलैंड ने भी कुछ अच्छे मौके बनाए। फाबियन रीडर और डैन न्दोये के प्रयासों को कोलंबिया के गोलकीपर कैमिलो वर्गास ने आसानी से रोक लिया। दूसरे हाफ की शुरुआत में मैदान पर आए जिब्रिल सो ने भी मौका बनाया, लेकिन उनका शॉट क्रॉसबार के ऊपर निकल गया।
रक्षापंक्तियों का दबदबा
दूसरे हाफ में भी स्विट्जरलैंड लगातार बढ़त की तलाश में रहा। फाबियन रीडर की शानदार फ्री-किक साइड नेटिंग से टकराकर बाहर चली गई। दूसरी ओर, लुइस सुआरेज़ ने ग्रेनित झाका से गेंद छीनकर अच्छा मौका बनाया, लेकिन जल्दबाजी में लगाया गया उनका शॉट गोल से बाहर निकल गया और स्विट्जरलैंड ने राहत की सांस ली।
पूरा मुकाबला बेहद सतर्क अंदाज में खेला गया। दोनों टीमों का संयुक्त एक्सपेक्टेड गोल (xG) केवल 0.7 रहा, जिसमें स्विट्जरलैंड का xG 0.3 और कोलंबिया का 0.4 था। इस विश्व कप में नियमित समय के दौरान यह किसी भी मैच का सबसे कम संयुक्त xG रहा।
अतिरिक्त समय में कोलंबिया का दबदबा
अतिरिक्त 30 मिनट में कोलंबिया ज्यादा आक्रामक नजर आया। जॉन लुकुमी जुआन फर्नांडो किंतेरो के कॉर्नर पर जोरदार हेडर लगाकर गोल करने के बेहद करीब पहुंचे, लेकिन गेंद क्रॉसबार से टकरा गई। इसके बाद जामिंटन काम्पाज ने लंबी दूरी से खतरनाक शॉट लगाया, जिसे कोबेल ने शानदार बचाव से रोक दिया।
115वें मिनट में कोलंबिया को मैच का सबसे बड़ा मौका मिला। ग्रेनित झाका अपनी ही पेनल्टी बॉक्स के पास गेंद गंवा बैठे और काम्पाज के पास गोल करने का सुनहरा अवसर था, लेकिन उन्होंने गेंद क्रॉसबार के ऊपर मार दी। इस तरह स्विट्जरलैंड ने मुकाबला बचाते हुए मैच को पेनल्टी शूटआउट तक पहुंचा दिया।
पेनल्टी शूटआउट में स्विट्जरलैंड की जीत
जुआन फर्नांडो किंतेरो ने कोलंबिया की पहली पेनल्टी सफलतापूर्वक गोल में बदली। स्विट्जरलैंड के कप्तान ग्रेनित झाका ने भी गोल किया, हालांकि कैमिलो वर्गास ने गेंद को छू लिया था, लेकिन वह गोललाइन पार कर गई।
कोलंबिया को पहला झटका तब लगा, जब डेविन्सन सांचेज़ की पेनल्टी क्रॉसबार से टकरा गई। जामिंटन काम्पाज ने अपनी पेनल्टी कोबेल के नीचे से निकालकर गोल कर दी, जबकि जेकी अमदूनी ने स्विट्जरलैंड के लिए सफल पेनल्टी लगाई।
इसके बाद मैनुअल अकांजी की पेनल्टी बार के ऊपर चली गई, जिससे कोलंबिया को वापसी का मौका मिला, लेकिन वह इसका फायदा नहीं उठा सका। निर्णायक क्षण तब आया, जब ग्रेगोर कोबेल ने कुचो हर्नांडेज़ की पेनल्टी रोक दी। इसके बाद रूबेन वर्गास ने पूरे आत्मविश्वास के साथ विजयी पेनल्टी को गोल में बदल दिया और स्विट्जरलैंड को 1954 के बाद पहली बार फीफा विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचा दिया।
