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फीफा विश्व कप 2026: हैरी केन के शानदार दो गोलों से इंग्लैंड की डीआर कांगो पर रोमांचक जीत
हैरी केन ने आखिरी समय में दो शानदार गोल दागकर इंग्लैंड को पिछड़ने के बाद वापसी कराई और डीआर कांगो को 2-1 से हराकर फीफा विश्व कप के राउंड ऑफ 16 में जगह पक्की कर ली। अब अंतिम-16 में इंग्लैंड का सामना मैक्सिको से होगा।

इंग्लैंड ने विश्व कप में बड़े उलटफेर से बचते हुए कप्तान हैरी केन के दो आखिरी समय के गोलों की बदौलत अटलांटा में डीआर कांगो को 2-1 से हराकर रोमांचक वापसी जीत दर्ज की। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने फीफा विश्व कप के राउंड ऑफ 16 में अपनी जगह पक्की कर ली, जहां उसका सामना सह-मेजबान मैक्सिको से होगा। एक समय टीम टूर्नामेंट से बाहर होने के कगार पर पहुंच गई थी।

हैरी केन के दो देर से किए गए गोलों ने इंग्लैंड को बचाया

हैरी केन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह इंग्लैंड के लिए कितने महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं। उन्होंने मुकाबले के अंतिम चरण में दो गोल करके अपनी टीम को शानदार वापसी जीत दिलाई। ब्रायन सिपेंगा के शुरुआती गोल के बाद इंग्लैंड अधिकांश समय मुकाबले में पीछे चल रहा था।

थॉमस ट्यूशेल की टीम विश्व कप इतिहास के सबसे बड़े उलटफेरों में से एक का शिकार होती नजर आ रही थी, लेकिन तभी कप्तान केन ने जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने 75वें मिनट में हेडर से बराबरी का गोल किया और इसके चार मिनट पहले नहीं, बल्कि मैच समाप्त होने से चार मिनट पहले शानदार विजयी गोल दागकर इंग्लैंड को अंतिम-16 में पहुंचा दिया।

मजबूत इरादों वाले डीआर कांगो के खिलाफ इंग्लैंड संघर्ष करता रहा

इंग्लैंड को अनुशासित और ऊर्जावान डीआर कांगो के खिलाफ बेहद कठिन मुकाबले का सामना करना पड़ा। गेंद पर अधिक नियंत्रण रखने के बावजूद थ्री लायंस विपक्षी टीम की मजबूत रक्षापंक्ति को तोड़ने में संघर्ष करते रहे और लंबे समय तक कोई बड़ा गोल का मौका नहीं बना सके।

डीआर कांगो ने पूरे आत्मविश्वास और दृढ़ता के साथ बचाव किया और जैसे-जैसे समय बीतता गया, वह ऐतिहासिक जीत की ओर बढ़ता हुआ नजर आया।

सिपेंगा ने शुरुआती गोल से चौंकाया इंग्लैंड को

डीआर कांगो ने ब्रायन सिपेंगा के गोल की मदद से शानदार शुरुआत की। इस गोल ने इंग्लैंड को हैरान कर दिया और अफ्रीकी टीम का आत्मविश्वास बढ़ गया। इसके बाद डीआर कांगो ने पहले हाफ में लगातार थॉमस ट्यूशेल की टीम को परेशान किया।

इंग्लैंड को डीआर कांगो की व्यवस्थित रक्षात्मक रणनीति के सामने आक्रमण के मौके बनाने में काफी परेशानी हुई।

गोलकीपर म्पासी का शानदार प्रदर्शन

गोलकीपर लियोनेल म्पासी ने डीआर कांगो को लंबे समय तक बढ़त बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने इंग्लैंड के हमलावर खिलाड़ियों के कई शानदार प्रयासों को बचाया और अपने बेहतरीन व्यक्तिगत प्रदर्शन से विपक्षी टीम को लगातार परेशान किया।

उनके शानदार खेल की वजह से इंग्लैंड को लगातार जवाब तलाशने पड़े और समय तेजी से निकलता गया।

विस्सा बढ़त दोगुनी करने से चूके

हाफटाइम से ठीक पहले डीआर कांगो के पास अपनी बढ़त दोगुनी करने का सुनहरा मौका था। योआने विस्सा को शानदार अवसर मिला, लेकिन गोल पूरी तरह खुला होने के बावजूद उनका शॉट गोलपोस्ट से टकरा गया।

यह चूक डीआर कांगो के लिए महंगी साबित हुई, क्योंकि इससे इंग्लैंड मुकाबले में बना रहा और बाद में उसने शानदार वापसी कर ली।

केन ने बदला मुकाबले का रुख

इंग्लैंड को आखिरकार मैच खत्म होने से 15 मिनट पहले सफलता मिली। स्थानापन्न खिलाड़ी एंथनी गॉर्डन ने पेनल्टी क्षेत्र में शानदार क्रॉस दिया, जिस पर हैरी केन ने ऊंची छलांग लगाकर म्पासी को छकाते हुए शानदार हेडर से गोल कर दिया।

इस गोल ने मैच की दिशा पूरी तरह बदल दी और इंग्लैंड के खिलाड़ियों में नया आत्मविश्वास भर दिया।

शानदार विजयी गोल से इंग्लैंड की वापसी पूरी

केन यहीं नहीं रुके। मैच खत्म होने में सिर्फ चार मिनट बाकी थे, जब उन्होंने पेनल्टी क्षेत्र के किनारे गेंद हासिल की। उन्होंने शानदार तरीके से अपने डिफेंडर को पीछे छोड़ा, आगे बढ़े और दाएं पैर से जोरदार शॉट लगाकर गेंद को गोल के ऊपरी कोने में पहुंचा दिया।

इस बेहतरीन फिनिश के साथ इंग्लैंड ने शानदार वापसी जीत पूरी की और राउंड ऑफ 16 में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली। यह केन का इस टूर्नामेंट में पांचवां गोल था, जिसने उनके शानदार विश्व कप अभियान को और मजबूत कर दिया।

गॉर्डन ने बेंच से उतरकर निभाई अहम भूमिका

हालांकि सुर्खियां हैरी केन ने बटोरीं, लेकिन स्थानापन्न खिलाड़ी एंथनी गॉर्डन ने भी इंग्लैंड की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस मुकाबले से पहले गॉर्डन का टूर्नामेंट कुछ खास नहीं रहा था, लेकिन मैदान पर उतरते ही उन्होंने मैच का रुख बदल दिया।

उन्होंने अपनी सटीक क्रॉस से बराबरी के गोल में मदद की और अंतिम क्षणों में इंग्लैंड के आक्रमण को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाई।

इंग्लैंड को जब सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब केन ने किया कमाल

लंबे समय तक इंग्लैंड का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। हालांकि, हैरी केन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ स्ट्राइकरों में क्यों गिना जाता है।

उनका पहला गोल शानदार हेडर के जरिए आया, जिसने आखिरकार बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे गोलकीपर लियोनेल म्पासी को मात दी। इससे पहले इंग्लैंड कई प्रयास कर चुका था, लेकिन म्पासी लगातार उन्हें रोक रहे थे।

केन का दूसरा गोल उनकी पूरी क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने गेंद पर शानदार नियंत्रण बनाया, डिफेंडरों को पीछे छोड़ा और ऐसा जोरदार शॉट लगाया जिसे रोकना असंभव था। जब इंग्लैंड को प्रेरणा की सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब उसके कप्तान ने विश्व स्तरीय प्रदर्शन करते हुए दो यादगार पल दिए।

मैक्सिको के खिलाफ मुकाबले के लिए तैयार इंग्लैंड

इस जीत के साथ इंग्लैंड ने राउंड ऑफ 16 में जगह बना ली है, जहां उसका सामना सह-मेजबान मैक्सिको से होगा। यह मुकाबला सोमवार, 6 जुलाई को मैक्सिको सिटी के ऐतिहासिक एज़्टेका स्टेडियम में खेला जाएगा।

यह मैदान इंग्लिश फुटबॉल प्रशंसकों के लिए खास यादें रखता है। इसी स्टेडियम में 1986 विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में इंग्लैंड को डिएगो माराडोना की अर्जेंटीना के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था।

अब इंग्लैंड एक बार फिर इस ऐतिहासिक मैदान पर उतरेगा और उम्मीद करेगा कि वह टूर्नामेंट में अपना सफर आगे बढ़ा सके। थॉमस ट्यूशेल की टीम जानती है कि मैक्सिको के खिलाफ उसे इससे कहीं बेहतर प्रदर्शन करना होगा, लेकिन हैरी केन के आखिरी क्षणों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत विश्व कप जीतने का उसका सपना अभी भी जीवित है।