संघीय जांच ब्यूरो (FBI) ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन पर इस्लामिक स्टेट (ISIS) का समर्थन करने और विदेशों में तैनात अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने वाले ड्रोन हमलों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने का आरोप है। अमेरिकी अधिकारियों ने संदिग्धों की पहचान बिसाम गफूर, एलियास शम्साल्दीन और बेरीन ज़ायी के रूप में की है। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, तीनों ने कथित तौर पर ISIS के प्रति निष्ठा की शपथ ली थी और आतंकवादी संगठन का समर्थन करने वाली गतिविधियों में शामिल थे।
न्याय विभाग ने डिस्कॉर्ड के जरिए ऑनलाइन समन्वय का आरोप लगाया
अभियोजकों ने कहा कि संदिग्धों ने अपनी गतिविधियों के लिए डिस्कॉर्ड समेत विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया। न्याय विभाग द्वारा उद्धृत अदालत के दस्तावेजों के अनुसार, तीनों ने एन्क्रिप्टेड ऑनलाइन चैट के माध्यम से अपनी योजनाओं पर चर्चा की थी। अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने ISIS के समर्थन से जुड़ी गतिविधियों के समन्वय और संपर्क बनाए रखने के लिए इन माध्यमों का उपयोग किया।
अमेरिकी सैनिकों पर ड्रोन हमलों के वित्तपोषण का आरोप
संघीय अभियोजकों ने आरोप लगाया कि तीनों व्यक्तियों ने विदेशों में तैनात अमेरिकी सैन्यकर्मियों पर ड्रोन हमलों को अंजाम देने के उद्देश्य से वित्तीय सहायता प्रदान की। अदालत में दाखिल दस्तावेजों के अनुसार, यह धनराशि कथित तौर पर विदेशों में तैनात अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने वाले अभियानों में मदद के लिए थी। हालांकि, अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से उन स्थानों का खुलासा नहीं किया है जहां ये कथित हमले किए जाने थे।
FBI निदेशक काश पटेल ने गिरफ्तारी को आतंकवाद विरोधी अभियान की बड़ी सफलता बताया
FBI निदेशक काश पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए इन गिरफ्तारियों की घोषणा की। उन्होंने इस अभियान को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण सफलता बताया।
उन्होंने लिखा, "अगर आप इस देश के साथ विश्वासघात करेंगे, तो हम आपको ढूंढ़ निकालेंगे और आपको न्याय का सामना करना ही पड़ेगा!"
चरमपंथी संगठनों द्वारा डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते इस्तेमाल पर नजर
ये गिरफ्तारियां ऐसे समय हुई हैं जब अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां चरमपंथी संगठनों द्वारा डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग पर लगातार नजर रख रही हैं। अधिकारियों ने बार-बार चेतावनी दी है कि आतंकवादी संगठन ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग समर्थकों की भर्ती, धन जुटाने और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार गतिविधियों के समन्वय के लिए करते हैं।
अधिकारियों का कहना है कि एन्क्रिप्टेड संचार प्लेटफॉर्म उन चरमपंथी नेटवर्क के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण बन गए हैं जो सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचना चाहते हैं।
जांच अभी जारी है
संघीय अधिकारियों ने कथित साजिश के बारे में अतिरिक्त जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। न्याय विभाग ने कहा कि जांच जारी है और भविष्य की अदालती कार्यवाही के दौरान अधिक जानकारी सामने आ सकती है।
अधिकारियों ने यह संभावना भी खारिज नहीं की है कि कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ मामले में और नए खुलासे हो सकते हैं।
