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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने ट्विशा शर्मा मृत्यु मामले में दूसरी पोस्टमार्टम जांच का आदेश दिया
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने ट्विशा शर्मा मृत्यु मामले में एम्स दिल्ली की टीम द्वारा दूसरी पोस्टमार्टम जांच कराने का आदेश दिया, जबकि राज्य सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने शुक्रवार को ट्विशा शर्मा की कथित दहेज मृत्यु मामले में दूसरी बार पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिया और राज्य सरकार को जांच के लिए दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की एक विशेष मेडिकल टीम की व्यवस्था करने का निर्देश दिया।

मामले से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान अदालत ने कई महत्वपूर्ण टिप्पणियां भी कीं।

एम्स दिल्ली की टीम करेगी नया पोस्टमार्टम

हाई कोर्ट की एकल पीठ ने मध्य प्रदेश सरकार को निर्देश दिया कि वह तत्काल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली से विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम को भोपाल लाए, ताकि दूसरा पोस्टमार्टम किया जा सके।

यह फैसला उस घटना के केवल दो दिन बाद आया, जब न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अनुदिता गुप्ता ने परिवार की दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग को खारिज कर दिया था। मजिस्ट्रेट ने पहले कहा था कि अब तक की जांच दूसरी पोस्टमार्टम प्रक्रिया को उचित नहीं ठहराती।

परिवार ने साजिश का आरोप लगाया

उत्तर प्रदेश के नोएडा की रहने वाली और लगभग 30 वर्ष की ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल के बाग मुगलिया एक्सटेंशन क्षेत्र स्थित अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं।

उनके परिवार ने घटना में साजिश की आशंका जताई और दावा किया कि उनके शरीर पर चोट के निशान थे। परिजनों ने यह भी कहा कि ट्विशा ने पहले उन्हें बताया था कि उनके पति उनके साथ मारपीट करते थे। इस मामले ने तीखी प्रतिक्रियाएं पैदा की हैं और उनकी मौत की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं।

पति ने किया आत्मसमर्पण का कदम

ट्विशा के पति समर्थ सिंह ने शुक्रवार शाम जबलपुर जिला अदालत में आत्मसमर्पण करने के लिए पेशी दी। इससे पहले उन्होंने हाई कोर्ट से अपनी अग्रिम जमानत याचिका वापस ले ली थी।

उनकी याचिका वापस लेने के बाद अदालत ने कहा कि उनके पास जांच अधिकारी या ट्रायल कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। पुलिस ने पहले उनकी गिरफ्तारी से जुड़ी सूचना देने पर 30,000 रुपये के इनाम की घोषणा की थी। अधिकारियों ने उनका पासपोर्ट रद्द कराने के लिए भी अदालत का रुख किया था।

पूर्व न्यायाधीश को नोटिस जारी

हाई कोर्ट ने समर्थ सिंह की मां और पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को भी नोटिस जारी किया। उन्हें भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है। यह नोटिस ट्विशा के पिता और राज्य सरकार की ओर से दायर याचिकाओं के बाद जारी किया गया, जिनमें उनकी अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग की गई थी।

दहेज उत्पीड़न के आरोप

बताया गया कि ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स क्षेत्र स्थित अपने ससुराल में फंदे से लटकी हुई मिली थीं। उनके परिवार ने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। हालांकि सिंह परिवार का दावा है कि ट्विशा नशे की आदी थीं।

पुलिस ने समर्थ सिंह और उनकी मां के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2), 85 और 3(5) के साथ-साथ दहेज निषेध अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है।

मध्य प्रदेश सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की

मध्य प्रदेश सरकार ने ट्विशा शर्मा मृत्यु मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने की सिफारिश की है। राज्य सरकार पहले ही इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की मंजूरी दे चुकी है। यह कदम मामले पर बढ़ते जनध्यान और गहन जांच की मांगों के बीच उठाया गया है।