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फीफा वर्ल्ड कप 2026 अधिकार विवाद से भारत में प्रसारण योजनाओं पर संकट
FIFA और जियोहॉटस्टार के बीच प्रसारण अधिकारों को लेकर बातचीत जारी रहने के कारण भारत के लाखों फुटबॉल प्रशंसकों को फीफा वर्ल्ड कप 2026 देखने में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

फीफा वर्ल्ड कप 2026 शुरू होने में अब सिर्फ एक महीने से थोड़ा अधिक समय बचा है, लेकिन भारत में लाखों फुटबॉल प्रशंसकों को अब तक यह नहीं पता कि वे टूर्नामेंट कहां देख पाएंगे। यह अनिश्चितता इसलिए बनी हुई है क्योंकि जियोहॉटस्टार और FIFA के बीच भारत में टूर्नामेंट के प्रसारण अधिकारों को लेकर अब तक समझौता नहीं हो पाया है।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच बातचीत अभी भी जारी है, लेकिन कीमत को लेकर बड़े मतभेद समझौते में देरी कर रहे हैं।

जियोहॉटस्टार ने FIFA अधिकारों के लिए दी कम बोली

रॉयटर्स ने बताया कि जियोहॉटस्टार ने 2026 फीफा वर्ल्ड कप के भारतीय प्रसारण अधिकारों के लिए लगभग 2 करोड़ डॉलर की पेशकश की। हालांकि, FIFA ने इस रकम को काफी कम माना और प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया। चर्चा से जुड़े सूत्रों के अनुसार, FIFA शुरुआत में भारत में 2026 और 2030 वर्ल्ड कप के प्रसारण अधिकारों के लिए करीब 10 करोड़ डॉलर चाहता था।

2022 फीफा वर्ल्ड कप के दौरान जियो सिनेमा ने कथित तौर पर टूर्नामेंट शुरू होने से लगभग 14 महीने पहले करीब 6 करोड़ डॉलर में अधिकार हासिल किए थे। FIFA से जुड़े एक सूत्र ने रॉयटर्स से कहा, “FIFA इस संस्करण के लिए भी लगभग इतनी ही राशि चाहता है।”

भारत में फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सामने व्यावसायिक चुनौतियां

रिपोर्ट्स के मुताबिक, FIFA ने बाद में अपनी शुरुआती 10 करोड़ डॉलर की मांग कम कर दी थी। हालांकि, संगठन रिलायंस की 2 करोड़ डॉलर की पेशकश स्वीकार करने को तैयार नहीं हुआ।

जियोहॉटस्टार की कम बोली के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। टूर्नामेंट के मैच अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में खेले जाएंगे। समय के अंतर के कारण भारत में कई मुकाबले आधी रात के बाद प्रसारित होंगे, जिससे टीवी दर्शकों की संख्या और विज्ञापन आय प्रभावित हो सकती है।

इसके अलावा, जारी ईरान संघर्ष और विज्ञापन खर्च में कमी ने भी प्रसारण कंपनियों की रुचि को प्रभावित किया है। एक सूत्र ने कहा, “भारत में फुटबॉल अभी भी सीमित दर्शकों वाला खेल है।”

सोनी ग्रुप ने भी नहीं दिखाई रुचि

रॉयटर्स की रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि सोनी ग्रुप कॉर्पोरेशन ने भी FIFA के साथ भारतीय प्रसारण अधिकारों को लेकर बातचीत की थी। हालांकि, सोनी ने कथित तौर पर कोई प्रस्ताव नहीं दिया क्योंकि यह सौदा कंपनी के लिए आर्थिक रूप से लाभदायक नहीं माना गया।

इस घटनाक्रम ने यह अनिश्चितता बढ़ा दी है कि टूर्नामेंट शुरू होने से पहले भारतीय दर्शकों को टीवी और स्ट्रीमिंग पर उचित पहुंच मिल पाएगी या नहीं।

विशेषज्ञ बोले — बातचीत अभी जारी

देरी के बावजूद उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि बातचीत अभी खत्म नहीं हुई है। विज्ञापन एजेंसी डेंट्सू इंडिया में स्पोर्ट्स के मैनेजिंग पार्टनर रोहित पोटफोडे ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच चर्चा जारी है।

उन्होंने रॉयटर्स से कहा, “बहुत कम समय बचा है, लेकिन मैं इसे गतिरोध नहीं कहूंगा। यह शतरंज के आखिरी चरण जैसा है, जहां कुछ चालें अभी बाकी हैं।”

चीन में भी अब तक तय नहीं हुआ प्रसारण साझेदार

भारत अकेला बड़ा बाजार नहीं है जहां FIFA के पास अब तक आधिकारिक प्रसारण साझेदार नहीं है। रॉयटर्स की रिपोर्ट में कहा गया कि चीन में भी 2026 वर्ल्ड कप के लिए अभी तक कोई ब्रॉडकास्ट पार्टनर तय नहीं हुआ है। सरकारी प्रसारक CCTV ने 2018 और 2022 के टूर्नामेंट के लिए शुरुआती दौर में ही अधिकार हासिल कर लिए थे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ।

FIFA ने जारी बातचीत की पुष्टि करते हुए कहा कि भारत और चीन दोनों में मीडिया अधिकारों को लेकर चर्चा गोपनीय है। FIFA ने बयान में कहा, “FIFA वर्ल्ड कप 2026 के मीडिया अधिकारों की बिक्री को लेकर चीन और भारत में बातचीत जारी है और फिलहाल इसे गोपनीय रखा जाना चाहिए।”

संगठन ने यह भी पुष्टि की कि टूर्नामेंट शुरू होने से पहले दुनिया भर के 175 से अधिक क्षेत्रों में प्रसारण समझौते पहले ही तय किए जा चुके हैं। टूर्नामेंट 11 जून से शुरू होगा।