प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों ने गुरुवार को आतंकवाद के खिलाफ भारत के सबसे बड़े सैन्य अभियानों में से एक ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ के अवसर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी प्रोफाइल तस्वीरें बदल दीं।
नेताओं ने इस अभियान को समर्पित एक साझा लोगो अपनाया। इस प्रतीक में भारतीय तिरंगे के रंगों वाला एक ढाल और केसरिया ज्वाला दिखाई गई है, जो भारतीय सशस्त्र बलों के साहस, बलिदान और संकल्प का प्रतीक है।
नया लोगो साझा करते हुए मोदी ने एक्स पर लिखा, “हम आतंकवाद को पराजित करने और उसके समर्थक तंत्र को नष्ट करने के अपने संकल्प पर अडिग हैं।”
A year ago, our armed forces displayed unparalleled courage, precision and resolve during #OperationSindoor. They gave a fitting response to those who dared to attack innocent Indians at Pahalgam. The entire nation salutes our forces for their valour.
— Narendra Modi (@narendramodi) May 7, 2026
Operation Sindoor reflected…
कई शीर्ष केंद्रीय मंत्रियों ने भी इस समन्वित अभियान में हिस्सा लिया। इनमें गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर शामिल थे।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू हुआ ऑपरेशन सिंदूर
भारत ने 7 मई 2025 को पहलगाम में हुए घातक आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। पाकिस्तान समर्थित आतंकियों से जुड़े द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) के “फाल्कन स्क्वाड” ने इस हमले को अंजाम दिया था।
बाद में बचे हुए लोगों ने घटना के भयावह दृश्य बयान किए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने गोलीबारी से पहले पर्यटकों की पहचान और धार्मिक पृष्ठभूमि की जांच की थी।
इस नरसंहार में 26 नागरिकों की मौत हुई, जिनमें हिंदू पर्यटक और स्थानीय मजदूर शामिल थे। भारतीय खुफिया एजेंसियों ने इस हमले को सांप्रदायिक तनाव भड़काने और “भारत को भीतर से बांटने” की सुनियोजित साजिश बताया।
भारत ने सीमा पार आतंकी ठिकानों को बनाया निशाना
इसके जवाब में भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में स्थित नौ बड़े आतंकी शिविरों पर व्यापक सैन्य कार्रवाई की। बताया गया कि इन हमलों में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया।
ऑपरेशन सिंदूर भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति में एक बड़े बदलाव का प्रतीक भी बना। इस अभियान के दौरान भारतीय सेनाओं ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), ड्रोन और प्रिसिजन-गाइडेड हथियारों का इस्तेमाल किया। अधिकारियों ने कहा कि यह मिशन पारंपरिक सीमा सुरक्षा तरीकों से कहीं आगे का था।
ऑपरेशन से वैश्विक स्तर पर मजबूत हुई भारत की रक्षा छवि
इस सैन्य अभियान ने वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती रक्षा क्षमताओं को भी उजागर किया।
रिपोर्टों के अनुसार, हमलों के बाद भारत के रक्षा निर्यात में 60 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। कई देशों ने ब्रह्मोस मिसाइल और आकाश एयर डिफेंस सिस्टम जैसे स्वदेशी रक्षा प्लेटफॉर्म में रुचि दिखाई है, जिनका इस्तेमाल भारत ने कथित तौर पर चार दिन तक चले संघर्ष के दौरान किया था।
भाजपा के शीर्ष नेताओं द्वारा अपनी प्रोफाइल तस्वीरें बदलने के तुरंत बाद, हजारों पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भी सोशल मीडिया पर वही “ऑपरेशन सिंदूर” लोगो अपना लिया।
