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होर्मुज़ नाकाबंदी की आशंका से तेल की कीमतों में 8% उछाल
अमेरिका द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में नाकाबंदी की घोषणा के बाद तेल की कीमतों में 8% से अधिक की तेज बढ़ोतरी हुई, जिससे वैश्विक आपूर्ति में बाधा पड़ने की आशंकाएं बढ़ गई हैं।

सोमवार को वैश्विक तेल कीमतों में तेज उछाल आया और यह 8% से अधिक बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गईं। यह बढ़ोतरी तब हुई जब अमेरिका ने ईरान के साथ शांति वार्ता विफल होने के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को ब्लॉक करने की योजना की घोषणा की।

जून के लिए ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स शुरुआती कारोबार में 8.08 डॉलर यानी 8.49% बढ़कर 103.28 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गए। वहीं वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी 8.66 डॉलर बढ़कर 105.23 डॉलर प्रति बैरल हो गया। ये बढ़त वैश्विक तेल आपूर्ति में संभावित बाधाओं को लेकर बढ़ती चिंताओं को दर्शाती है।

विफल वार्ता से आपूर्ति को लेकर चिंता

कीमतों में यह अचानक बढ़ोतरी डोनाल्ड ट्रंप की घोषणा के बाद हुई। उन्होंने कहा कि चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए बातचीत विफल होने के बाद अमेरिका ईरानी तेल निर्यात से जुड़े समुद्री मार्गों को ब्लॉक करना शुरू करेगा।

इस कदम से प्रतिदिन लगभग 20 लाख बैरल तेल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ वैश्विक ऊर्जा परिवहन के सबसे महत्वपूर्ण मार्गों में से एक है और यहां किसी भी तरह की बाधा का व्यापक असर पड़ता है।

ईरान की कड़ी चेतावनी

तनाव तब और बढ़ गया जब इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने चेतावनी दी कि इस क्षेत्र में प्रवेश करने वाले किसी भी सैन्य जहाज़ को “निर्णायक” जवाब दिया जाएगा।

शिपिंग गतिविधि पहले ही धीमी पड़ चुकी है। रिपोर्ट्स के अनुसार सप्ताहांत में केवल कुछ ही जहाज़ जलडमरूमध्य से गुजरे। सोमवार तक ट्रैफिक लगभग रुक गया और क्षेत्र में केवल एक ईरानी जहाज़ लंगर डाले देखा गया।

सऊदी अरब का आंशिक समर्थन

संभावित आपूर्ति संकट के जवाब में सऊदी अरब ने कहा कि उसने अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन की पूरी क्षमता बहाल कर दी है। यह पाइपलाइन प्रतिदिन लगभग 70 लाख बैरल तेल ले जा सकती है।

हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे वैकल्पिक मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के जरिए होने वाली तेल आपूर्ति की पूरी तरह भरपाई नहीं कर पाएंगे, खासकर अगर स्थिति और बिगड़ती है।

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर

ट्रंप ने स्वीकार किया कि नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनाव तक तेल और ईंधन की ऊंची कीमतें जारी रह सकती हैं। इससे अमेरिका के भीतर राजनीतिक चुनौतियां बढ़ सकती हैं।

तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से दुनिया भर में महंगाई बढ़ने की भी आशंका है। इससे केंद्रीय बैंकों के लिए आर्थिक विकास को बनाए रखना और बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करना और कठिन हो सकता है।

बाजारों में अनिश्चितता

भू-राजनीतिक स्थिति लगातार बदल रही है, इसलिए व्यापारी सतर्क बने हुए हैं। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक में लंबे समय तक बाधा पड़ने का जोखिम बाजारों में अनिश्चितता बनाए हुए है।