शुक्रवार दोपहर वृंदावन में यमुना नदी में एक पर्यटक नाव के पलट जाने से पंजाब के कम से कम छह लोगों की मौत हो गई। लापता लोगों की तलाश के लिए बचाव अभियान अभी भी जारी है। अब तक नदी से छह शव बरामद किए जा चुके हैं।
लुधियाना के तीर्थयात्री थे सवार
जिला मजिस्ट्रेट चंद्र प्रकाश सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। अधिकारियों के अनुसार नाव में लुधियाना से आए लगभग 30 तीर्थयात्री सवार थे, जब नाव पलट गई। इनमें से 16 से 17 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि बाकी यात्रियों की तलाश जारी है। बचाव कार्य को तेज करने के लिए सेना और आपदा राहत बलों की टीमों को तैनात किया गया है।
बड़े पैमाने पर चल रहा बचाव अभियान
बचाव कार्य राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमों द्वारा किया जा रहा है। इनके साथ लगभग 50 स्थानीय गोताखोर भी इस अभियान में लगे हुए हैं। एक स्थानीय गोताखोर गुलाब ने बताया कि अब तक करीब 15 लोगों को नदी से बाहर निकाला जा चुका है।
नेताओं ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। अपने बयान में उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश के मथुरा में नाव पलटने की दुर्घटना से अत्यंत दुख हुआ है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूँ। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की हर संभव सहायता कर रहा है।”
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी घटना का संज्ञान लिया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
मुआवजा और राहत के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को तुरंत दुर्घटनास्थल पर पहुंचकर प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को मुआवजा देने का भी आदेश दिया है।
अनिश्चितता के बीच तलाश जारी
बचाव दल लगातार लापता यात्रियों की तलाश में जुटे हुए हैं और बचे हुए लोगों को सहायता देने पर ध्यान दिया जा रहा है। इस दुखद हादसे ने यमुना नदी में चलने वाली नावों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
