अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ईरान को चेतावनी दी कि अगर उसकी सरकार उनकी मांगों को स्वीकार नहीं करती है तो उसे पूरी तरह तबाही का सामना करना पड़ेगा। ट्रंप ने कहा कि इसके परिणाम बेहद विनाशकारी हो सकते हैं।
उन्होंने कहा, “आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी, जिसे फिर कभी वापस नहीं लाया जा सकेगा। मैं नहीं चाहता कि ऐसा हो, लेकिन शायद ऐसा हो सकता है।”
ईरान की आबादी लगभग 9 करोड़ है। ट्रंप की चेतावनी पूरे देश की आबादी को ध्यान में रखकर दी गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि शासन के भीतर “ज्यादा समझदार और कम कट्टरपंथी” तत्व उनकी मांगों को स्वीकार कर इस स्थिति से बच सकते हैं।
ईरान के लिए तय की समय-सीमा
ट्रंप ने ईरान को जवाब देने के लिए रात 8 बजे (ET) की समय-सीमा दी। यह 24 घंटों के भीतर दूसरी ऐसी चेतावनी है। इससे पहले उन्होंने कहा था कि देश को एक ही रात में तबाह किया जा सकता है।
उन्होंने कहा, “हर बिजली संयंत्र बंद हो जाएगा, जल जाएगा, फट जाएगा और फिर कभी इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। मेरा मतलब है कि रात 12 बजे तक पूरी तरह ध्वस्त कर दिया जाएगा। अगर हम चाहें तो यह सब चार घंटे के भीतर हो सकता है।”
अमेरिका ने खार्ग द्वीप पर किया हमला
यह चेतावनी खार्ग द्वीप पर अमेरिकी हवाई हमलों की रिपोर्टों के बाद आई। एक अमेरिकी अधिकारी ने फॉक्स न्यूज़ को बताया कि सेना ने रात भर चले हमलों में बंकर, रडार सिस्टम और गोला-बारूद भंडारण स्थलों को निशाना बनाया।
खार्ग द्वीप का रणनीतिक महत्व
खार्ग द्वीप से ईरान के लगभग 90 प्रतिशत तेल और गैस निर्यात होते हैं। किसी संभावित अमेरिका–इज़राइल सैन्य कार्रवाई में इसे एक प्रमुख लक्ष्य माना जाता है।डोनाल्ड ट्रंप पहले भी कई बार इस द्वीप के तेल ढांचे पर कब्जा करने या उसे नुकसान पहुंचाने की बात कर चुके हैं।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने इससे पहले 13 और 14 मार्च को भी इस द्वीप पर सैन्य ठिकानों पर हमला किया था।
