राजस्थान रॉयल्स (RR) ने आईपीएल 2026 के 9वें मैच में अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में गुजरात टाइटंस (GT) को 6 रन से हरा दिया। पहले बल्लेबाज़ी करने का फैसला करते हुए राजस्थान रॉयल्स ने 20 ओवर में स्कोरबोर्ड पर 210/6 रन बनाए। यशस्वी जायसवाल और वैभव सूर्यवंशी ने शानदार शुरुआत दिलाई और 6.2 ओवर में पहले विकेट के लिए 70 रन जोड़े। सूर्यवंशी 7वें ओवर में 18 गेंदों पर 31 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद ध्रुव जुरेल और जायसवाल ने दूसरे विकेट के लिए 56 रन जोड़े, जिसमें जायसवाल ने अपना अर्धशतक पूरा किया।
ध्रुव जुरेल ने 42 गेंदों पर 75 रन की शानदार पारी खेली। शिमरॉन हेटमायर की छोटी लेकिन तेज पारी ने राजस्थान रॉयल्स को 200 रन के पार पहुंचाने में मदद की। कगिसो रबाडा (4 ओवर में 2/42) गुजरात टाइटंस के सबसे सफल गेंदबाज़ रहे। लक्ष्य का पीछा करते हुए साई सुदर्शन और कुमार कुशाग्र ने मजबूत शुरुआत दी और 8 ओवर में पहले विकेट के लिए 78 रन जोड़े। इसके बाद गुजरात टाइटंस ने नियमित अंतराल पर विकेट गंवाए, लेकिन रन गति बनाए रखने में सफल रहे।
एक समय जीटी को तीन ओवर में 30 रन की जरूरत थी। रबाडा आगे आए और रवि बिश्नोई (4 ओवर में 4/41) और संदीप शर्मा की गेंदों पर शानदार शॉट लगाते हुए सीधे ताकतवर बाउंड्री लगाईं। उनकी अप्रत्याशित बल्लेबाज़ी ने जीटी के लिए उम्मीद फिर जगा दी।
जल्द ही समीकरण 12 गेंदों में 15 रन पर आ गया। हालांकि, आरआर के गेंदबाज़ों ने दबाव में संयम बनाए रखा। जॉफ्रा आर्चर ने रबाडा को शरीर की ओर शॉर्ट गेंदों से निशाना बनाया और राशिद खान को सटीक गेंदों से शांत रखा। दूसरी ओर तुषार देशपांडे (3 ओवर में 1/24) ने लगातार बेहतरीन यॉर्कर डालकर जीटी को लक्ष्य तक पहुंचने से रोक दिया। यह राजस्थान रॉयल्स की लगातार दूसरी जीत है।
बल्लेबाज़ों ने बेहतरीन पिच का फायदा उठाया
पिच पर अच्छी गति और उछाल थी, जिससे यह बल्लेबाज़ी के लिए आदर्श बन गई। रबाडा ने पहला ओवर कसा हुआ डाला और सिर्फ सात रन दिए, जिससे मोहम्मद सिराज के महंगे स्पेल के बाद जीटी को थोड़ा संभलने में मदद मिली।
हालांकि, आरआर के बल्लेबाज़ों ने जल्दी ही नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया। वैभव सूर्यवंशी ने पॉइंट के ऊपर से चौका लगाया, जबकि जायसवाल ने ताकतवर पुल शॉट लगाकर छक्का जड़ा। परिस्थितियों ने बल्लेबाज़ों को उछाल पर भरोसा करने और पूरी पारी के दौरान आक्रामक शॉट खेलने की अनुमति दी।
जायसवाल और जुरेल ने शॉट चयन को नई परिभाषा दी
इस मैच में पारंपरिक क्रिकेट नियम जैसे अप्रासंगिक लग रहे थे। बल्लेबाज़ बिना सेट होने का इंतजार किए शुरुआत से ही आक्रामक हो गए।
जायसवाल ने आक्रामक बल्लेबाज़ी करते हुए आगे बढ़कर बैक-ऑफ-लेंथ गेंद को भी छक्के के लिए भेज दिया। उन्होंने मुश्किल गेंद पर कवर के जरिए ताकतवर शॉट लगाकर शानदार अंदाज में अपना अर्धशतक पूरा किया।
जुरेल ने भी निडर बल्लेबाज़ी से प्रभावित किया। अपनी शुरुआती कुछ गेंदों में ही उन्होंने तेज गेंद पर चौका लगाया। उन्होंने बेहतरीन तकनीक और टाइमिंग से राशिद खान की मुश्किल गेंदों को भी बाउंड्री तक पहुंचाया। बाद में उन्होंने आगे बढ़कर राशिद को छक्का जड़ा, जो इतने तेज गेंदबाज़ के खिलाफ कम ही देखने को मिलता है।
अशोक शर्मा गेंदबाज़ों में रहे सबसे अलग
अशोक शर्मा घरेलू टी20 क्रिकेट में सफलता के बाद मजबूत प्रतिष्ठा के साथ आईपीएल में आए थे। उन्होंने शुरुआत में ही अपनी क्षमता दिखाते हुए तेज रफ्तार से गेंदबाज़ी की, जिसमें सीजन की सबसे तेज गेंद 154.2 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से डाली।
हालांकि शुरुआत में एक कैच छूटने और फिर चौका लगने से उन्हें मुश्किल हुई, लेकिन उन्होंने शानदार संयम दिखाया। उन्होंने तेज बाउंसर से जायसवाल को परेशान किया और अनुशासित गेंदबाज़ी से ओवर को नियंत्रित रखा।
राशिद खान, रवींद्र जडेजा और जॉफ्रा आर्चर जैसे शीर्ष गेंदबाज़ों वाले इस हाई-स्कोरिंग मैच में भी अशोक ने अपना इकोनॉमी रेट नियंत्रण में रखा और 9.25 से नीचे खत्म किया, जबकि मैच में रन तेजी से बन रहे थे।
साई सुदर्शन ने तकनीक और आक्रामकता का संतुलन दिखाया
साई सुदर्शन ने जायसवाल की तुलना में अलग बल्लेबाज़ी शैली दिखाई। जहां जायसवाल ने शुरुआत से आक्रमण किया, वहीं सुदर्शन ने पहले सावधानी से पारी बनाई और फिर तेजी लाई।
उन्होंने 33 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और आर्चर की गेंद पर शानदार रैंप शॉट लगाकर छक्का जड़ा। उन्होंने रवींद्र जडेजा का भी अच्छी तरह सामना किया और गेंदबाज़ की गति बदलने पर जल्दी तालमेल बैठाया।
उनकी संतुलित बल्लेबाज़ी ने जीटी को 13वें ओवर तक मैच में बनाए रखा, जब अचानक मैच का रुख बदल गया।
बिश्नोई ने बदल दिया मैच
127 रन पर 2 विकेट के स्कोर पर जीटी जीत की प्रबल दावेदार लग रही थी। सुदर्शन सेट थे और जोस बटलर खतरनाक नजर आ रहे थे।
तभी रवि बिश्नोई ने मैच पलट दिया। उन्होंने तीन गेंदों में दो विकेट लेकर सुदर्शन और वॉशिंगटन सुंदर दोनों को आउट कर दिया। उनकी चतुर विविधताएं, खासकर गुगली, बाएं हाथ के बल्लेबाज़ों को परेशान करती रहीं और मोमेंटम फिर से आरआर की ओर चला गया।
उनके स्पेल के बाद आरआर जीत की ओर मजबूत दावेदार बन गया।
डेथ ओवरों ने तय किया परिणाम
जीटी कठिन लक्ष्य का पीछा करने के लिए जानी जाती है और उन्होंने लगभग एक बार फिर ऐसा कर दिखाया। राशिद और रबाडा ने लक्ष्य को 30 गेंदों में 50 रन से घटाकर सिर्फ 12 गेंदों में 15 रन कर दिया, जिससे जीटी एक बार फिर जीत की ओर बढ़ती दिखी।
हालांकि आर्चर ने अहम ओवर में शानदार गेंदबाज़ी की। उन्होंने शॉर्ट गेंदों से रबाडा को रोका और सटीक यॉर्कर से राशिद को शांत रखा। रबाडा द्वारा एक फुलटॉस मिस करना भी अहम मोड़ साबित हुआ।
अंतिम ओवर में देशपांडे को 10 रन बचाने थे। पहली गेंद वाइड यॉर्कर थी जिसे वाइड करार दिया गया, लेकिन उन्होंने तुरंत सुधार करते हुए लगातार चार परफेक्ट यॉर्कर डालीं। राशिद बाउंड्री नहीं लगा सके।
जब 2 गेंदों में 7 रन की जरूरत थी, तब देशपांडे से लंबाई थोड़ी चूक गई। राशिद ने गेंद को पॉइंट की ओर स्लाइस किया, लेकिन आर्चर ने सुरक्षित कैच लेकर मैच खत्म कर दिया।
दबाव में दुर्लभ अंत
आरआर के गेंदबाज़ों ने शानदार अंत किया। दरअसल यह मैच पिछले 52 रन चेज़ में सिर्फ छठा ऐसा मौका बन गया, जब आखिरी 12 गेंदों में कोई बाउंड्री नहीं लगी, जबकि टीमों को 19वें और 20वें ओवर तक बल्लेबाज़ी करनी पड़ी।
यह टी20 क्रिकेट में अनुशासित गेंदबाज़ी की ताकत का बेहतरीन उदाहरण था, जो सबसे मुश्किल बल्लेबाज़ी परिस्थितियों को भी मात दे सकती है।
संक्षिप्त स्कोरकार्ड
राजस्थान रॉयल्स (RR) : 210/6 (20)
ध्रुव जुरेल 75(42), यशस्वी जायसवाल 55(36), वैभव सूर्यवंशी 31(18);
कगिसो रबाडा 2/42(4), अशोक शर्मा 1/37(4)
गुजरात टाइटंस (GT) : 204/8 (20)
साई सुदर्शन 73(44), जोस बटलर 26(14), राशिद खान 24(16);
रवि बिश्नोई 4/41(4), रियान पराग 1/11(1)
प्लेयर ऑफ द मैच: रवि बिश्नोई
राजस्थान रॉयल्स (आरआर) ने टी20 मैच में पहले बल्लेबाज़ी करने का साहसिक फैसला लिया, जो आमतौर पर पसंदीदा विकल्प नहीं माना जाता। हालांकि उनका यह फैसला सफल साबित हुआ क्योंकि तुषार देशपांडे और जॉफ्रा आर्चर ने बल्लेबाज़ी के अनुकूल पिच पर शानदार गेंदबाज़ी करते हुए टीम को जीत दिलाई।
गुजरात टाइटंस (जीटी) एक समय मैच पर नियंत्रण में दिख रही थी, लेकिन अचानक पतन ने खेल बदल दिया। उन्होंने सिर्फ 27 गेंदों में छह विकेट गंवा दिए, जिससे राशिद खान और कगिसो रबाडा जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के क्रीज़ पर होने के बावजूद दबाव बढ़ गया। अंत में आरआर के गेंदबाज़ों ने ध्रुव जुरेल और यशस्वी जायसवाल के पहले किए गए प्रयासों की बराबरी की, जिन्होंने अर्धशतक लगाकर टीम को 210/6 के मजबूत स्कोर तक पहुंचाया था। नियमित अपडेट के लिए JUSZNEWS के साथ जुड़े रहें!
