मंगलवार को इराक ने कहा कि अज्ञात हमलावरों ने एक विदेशी पत्रकार का अपहरण कर लिया। घटना के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने पीछा करने का अभियान चलाया और एक संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया।
अधिकारियों ने पत्रकार की राष्ट्रीयता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। हालांकि स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में उसकी पहचान शेली किट्लेसन के रूप में की गई है, जो एक अमेरिकी नागरिक हैं और कई अंतरराष्ट्रीय समाचार संगठनों के साथ काम करती हैं।
अपहरण की खबर, स्थान की आधिकारिक पुष्टि नहीं
गृह मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि पत्रकार का अपहरण शाम के शुरुआती समय में किया गया था। हालांकि बयान में घटना के सटीक स्थान का उल्लेख नहीं किया गया।
सुरक्षा टीमों ने तुरंत अपहरणकर्ताओं को खोजने के लिए अभियान शुरू किया। उन्होंने संदिग्धों का पता लगाकर जमीन पर उनका पीछा किया।
पीछा करने के दौरान एक संदिग्ध गिरफ्तार
अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने उस वाहन का पीछा किया जिसे अपहरणकर्ताओं द्वारा इस्तेमाल किया गया माना जा रहा था। भागने की कोशिश के दौरान वाहन पलट गया।
अधिकारियों ने पुष्टि की कि पीछा करने के दौरान एक संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं बाकी हमलावरों को खोजने और अपहृत पत्रकार को सुरक्षित बचाने के प्रयास अभी भी जारी हैं।
जांच जारी
मंत्रालय ने कहा कि घटना के पूरे विवरण को समझने के लिए जांच जारी है। साथ ही यह भी कहा गया कि आगे और जानकारी बाद में साझा की जाएगी।
बयान में जोर दिया गया कि अधिकारी किसी भी ऐसी कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं करेंगे जो सुरक्षा को खतरे में डाले या विदेशी नागरिकों को निशाना बनाए। इसमें कहा गया कि सुरक्षा एजेंसियां सभी आरोपियों को पकड़ने और उन्हें न्याय के कटघरे में लाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही हैं।
मीडिया रिपोर्ट में स्थान और पृष्ठभूमि की जानकारी
इराकी मीडिया के अनुसार यह अपहरण बगदाद के केंद्रीय इलाके में हुआ।
रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि शेली किट्लेसन बगदाद और इटली के बीच रहती हैं। वह अल-मॉनिटर के लिए काम करती हैं और मध्य पूर्व तथा अफगानिस्तान से जुड़े मुद्दों को कवर करती हैं।
इसके अलावा वह इटालियन न्यूज एजेंसी, फॉरेन पॉलिसी, न्यूज़लाइन मैगज़ीन और बीबीसी से भी जुड़ी रही हैं।
बढ़ते तनाव के बीच कारण अब भी स्पष्ट नहीं
अपहरण के पीछे का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। हालांकि यह घटना ऐसे समय में हुई है जब इराक कई सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है। ये घटनाक्रम उस समय सामने आ रहे हैं जब ईरान के खिलाफ जारी अमेरिका-इज़राइल युद्ध से जुड़े तनाव बढ़ रहे हैं।
