प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर रहे हैं। इस बैठक में पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच राज्यों की तैयारी और प्रतिक्रिया योजनाओं की समीक्षा की जा रही है।
हालांकि, जिन राज्यों में चुनाव होने वाले हैं, उनके मुख्यमंत्री इस बैठक का हिस्सा नहीं हैं।
राज्यों के बीच समन्वय पर फोकस
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। सरकार चाहती है कि सभी राज्य “टीम इंडिया” की भावना के साथ मिलकर काम करें।
अधिकारियों का मानना है कि चर्चा में वैश्विक संकट के दौरान तैयारी, संसाधन प्रबंधन और प्रतिक्रिया रणनीतियों पर बात होगी।
पश्चिम एशिया संघर्ष पर पहली बैठक
यह पहली बार है जब प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से पश्चिम एशिया युद्ध पर ऐसी बैठक बुलाई है। यह संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर हमले किए थे।
इसके बाद से ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए इज़राइल और खाड़ी क्षेत्र के कुछ हिस्सों को निशाना बनाया है।
चुनावी राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल नहीं
जिन राज्यों में चुनाव होने वाले हैं, उनके मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल नहीं हुए हैं। इसकी वजह आचार संहिता (एमसीसी) है, जो चुनाव के दौरान सरकारी गतिविधियों पर कुछ प्रतिबंध लगाती है।
पृष्ठभूमि: पीएम की पहले की चेतावनी
इस सप्ताह की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में वैश्विक स्थिति के प्रभाव पर बात की थी। उन्होंने कहा था कि पश्चिम एशिया संघर्ष से उत्पन्न चुनौतियां कुछ समय तक जारी रह सकती हैं।
उन्होंने लोगों से एकजुट और तैयार रहने की अपील भी की। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान देश की एकजुटता का उदाहरण देते हुए सामूहिक ताकत पर जोर दिया।
सरकार ने अभी बैठक की पूरी जानकारी साझा नहीं की है। जल्द ही इससे जुड़ी और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
