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बढ़ते तनाव के बीच प्रदर्शनकारियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी, ईरान पुलिस का कड़ा रुख
ईरान के पुलिस प्रमुख ने चेतावनी दी है कि जो लोग सरकार के खिलाफ “दुश्मनों के कहने पर” विरोध प्रदर्शन करेंगे, उन्हें राज्य के दुश्मन के रूप में माना जाएगा।

ईरान के पुलिस प्रमुख अहमदरेज़ा रदान ने नागरिकों को सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा न लेने की कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति विदेशी दुश्मनों के इशारे पर सड़कों पर उतरता है, उसे राज्य का दुश्मन माना जाएगा।

रदान ने कहा कि सरकार ऐसे लोगों को सामान्य प्रदर्शनकारी नहीं मानेगी। उन्होंने कहा, “अगर कोई दुश्मन के कहने पर सामने आता है, तो हम उसे प्रदर्शनकारी या ऐसा कुछ नहीं मानते। हम उसके साथ वही व्यवहार करते हैं जैसा हम दुश्मन के साथ करते हैं।” उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब देश के भीतर और पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है और ईरानी अधिकारियों का रुख और सख्त दिखाई दे रहा है।

नेतन्याहू के संदेश के बाद आई चेतावनी

रदान की यह टिप्पणी उस समय सामने आई जब इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सीधे ईरान की जनता से अपील की। मंगलवार को नेतन्याहू ने ईरानियों से अपनी सरकार के खिलाफ खड़े होने का आह्वान किया।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किए गए संदेश में उन्होंने कहा, “ईरान के लोगों, हम आज़ादी के लिए एक ऐतिहासिक युद्ध लड़ रहे हैं। यह आपके लिए आयतुल्लाह शासन को हटाने और अपनी स्वतंत्रता हासिल करने का जीवन में एक बार मिलने वाला अवसर है।”

उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही ऐसी परिस्थितियाँ बनाई जाएँगी जिससे ईरान की जनता अपने भविष्य का फैसला कर सके। नेतन्याहू ने कहा, “संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ मिलकर हम तेहरान के शासकों पर पहले से अधिक कठोर प्रहार कर रहे हैं। जब सही समय आएगा—और वह समय तेजी से करीब आ रहा है—तो हम मशाल आपको सौंप देंगे।”

सुरक्षा बल कार्रवाई के लिए तैयार

इन घटनाओं के बाद रदान ने कहा कि ईरान के सुरक्षा बल किसी भी अशांति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अधिकारी इस्लामिक गणराज्य की रक्षा के लिए तैयार हैं।

उन्होंने कहा, “हमारे सभी बलों की उंगलियाँ ट्रिगर पर हैं और वे [इस्लामी] क्रांति की रक्षा के लिए तैयार हैं।”

हालिया विरोध प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि

पिछले कुछ महीनों में ईरान में सरकार विरोधी बड़े प्रदर्शन देखे गए हैं। दिसंबर के अंत में पूरे देश में व्यापक विरोध प्रदर्शनों की लहर फैल गई थी।

इन प्रदर्शनों को दबाने के लिए अधिकारियों ने कड़ी कार्रवाई की। रिपोर्टों के अनुसार, यह कार्रवाई इस्लामिक गणराज्य के इतिहास में प्रदर्शनों पर की गई सबसे घातक कार्रवाई मानी जा रही है।

जासूसी के आरोप में कई गिरफ्तार

इसी दौरान ईरानी अधिकारियों ने कथित जासूसी गतिविधियों से जुड़े मामलों में भी गिरफ्तारियाँ तेज कर दी हैं। ईरान के खुफिया मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि देश के दुश्मनों के लिए जासूसी करने के आरोप में दर्जनों लोगों को हिरासत में लिया गया है।

मंत्रालय ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में एक विदेशी नागरिक भी शामिल है। अधिकारियों ने उसकी राष्ट्रीयता का खुलासा नहीं किया, लेकिन दावा किया कि वह जासूस के रूप में काम कर रहा था।

राज्य मीडिया के अनुसार, मंत्रालय ने कहा कि वह विदेशी नागरिक “संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल की ओर से जासूसी कर रहा था और दो खाड़ी देशों के लिए एजेंट के रूप में काम कर रहा था।”

अधिकारियों ने यह भी घोषणा की कि हाल के दिनों में “इज़राइल और अमेरिका के 30 जासूस, आंतरिक भाड़े के लोग और ऑपरेशनल एजेंट” गिरफ्तार किए गए हैं।

अलग से, अहमदरेज़ा रदान ने राज्य टेलीविजन को बताया कि संवेदनशील जानकारी साझा करने के आरोप में दर्जनों अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है।

उन्होंने कहा कि अब तक लगभग 81 लोगों को “ईरान की आंतरिक जानकारी दुश्मन मीडिया और विरोधी ताकतों के साथ साझा करने” के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है, हालांकि इन मामलों के बारे में उन्होंने अधिक विवरण नहीं दिया।