व्हाइट हाउस एक ऐसे कार्यकारी आदेश की तैयारी कर रहा है, जिसके तहत संघीय एजेंसियों को क्लॉड कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) प्रणाली का उपयोग बंद करना पड़ सकता है। क्लॉड को एन्थ्रोपिक कंपनी ने विकसित किया है। एक्सियोस की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह आदेश सरकारी विभागों को संघीय नेटवर्क से इस AI उपकरण को हटाने का निर्देश दे सकता है।
चर्चा से परिचित अधिकारियों ने कहा कि यह आदेश इस सप्ताह के भीतर जारी किया जा सकता है। यदि इसे मंजूरी मिलती है, तो यह एजेंसियों को संघीय कार्यों में क्लॉड के उपयोग को बंद करने का निर्देश देगा।
इसी बीच, कुछ सरकारी विभाग प्रशासन द्वारा कड़े कदमों की समीक्षा के दौरान पहले ही इस तकनीक को धीरे-धीरे हटाने लगे हैं। यह कदम डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन और AI कंपनी के बीच विवाद को और बढ़ा सकता है।
AI सुरक्षा उपायों को लेकर विवाद
यह विवाद मुख्य रूप से इस बात पर केंद्रित है कि AI का सैन्य और सुरक्षा अभियानों में उपयोग कैसे किया जाना चाहिए।
एन्थ्रोपिक ने अपने AI प्रणालियों पर कई सुरक्षा प्रतिबंध लगाए हैं। ये सुरक्षा उपाय तकनीक को घरेलू स्तर पर बड़े पैमाने की निगरानी या पूरी तरह स्वायत्त हथियारों के लिए इस्तेमाल होने से रोकते हैं।
हालांकि, संयुक्त राज्य अमेरिका के रक्षा विभाग के अधिकारी तकनीक तक व्यापक पहुंच चाहते हैं। उनका तर्क है कि AI उपकरण “सभी वैध उद्देश्यों” के लिए उपलब्ध होने चाहिए, जिनमें संवेदनशील खुफिया कार्य और युद्धक्षेत्र से जुड़े संचालन शामिल हैं।
इसी कारण हाल के महीनों में रक्षा विभाग और एन्थ्रोपिक के बीच तनाव बढ़ गया है।
रक्षा विभाग ने एन्थ्रोपिक को ‘आपूर्ति श्रृंखला जोखिम’ बताया
फरवरी में संयुक्त राज्य अमेरिका के रक्षा विभाग ने एन्थ्रोपिक को “आपूर्ति श्रृंखला जोखिम” की श्रेणी में रखा था। यह श्रेणी आम तौर पर उन कंपनियों के लिए इस्तेमाल की जाती है जिनका संबंध विदेशी प्रतिद्वंद्वी देशों से होने का संदेह हो।
यह निर्णय सरकारी ठेकेदारों को उस कंपनी की तकनीक का उपयोग बंद करने के लिए मजबूर कर सकता है। इसके परिणामस्वरूप एन्थ्रोपिक के AI सिस्टम पर निर्भर संगठनों पर दबाव बढ़ गया।
एन्थ्रोपिक ने रक्षा विभाग के फैसले को अदालत में चुनौती दी
इसके जवाब में एन्थ्रोपिक ने रक्षा विभाग के खिलाफ मुकदमा दायर किया। कंपनी चाहती है कि अदालत इस निर्णय को रद्द कर दे। यह मामला कैलिफोर्निया के उत्तरी जिले की संयुक्त राज्य जिला अदालत में दायर किया गया है।
अपनी याचिका में कंपनी ने कहा कि सरकार की कार्रवाई उसके व्यवसाय और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा रही है।
एन्थ्रोपिक ने इस कदम को “अभूतपूर्व और गैरकानूनी” बताया। कंपनी का यह भी तर्क है कि यह निर्णय संवैधानिक सुरक्षा प्रावधानों का उल्लंघन करता है और उसकी तकनीक को अनुचित तरीके से निशाना बनाता है।
AI सुरक्षा बनाम राष्ट्रीय सुरक्षा की बहस
यह विवाद अब वॉशिंगटन और एक प्रमुख AI डेवलपर के बीच सबसे बड़े टकरावों में से एक बन गया है।
एन्थ्रोपिक का कहना है कि उसके सुरक्षा उपाय शक्तिशाली AI प्रणालियों के दुरुपयोग को रोकने के लिए आवश्यक हैं।
वहीं सरकारी अधिकारियों का तर्क है कि ऐसे प्रतिबंध उन्नत AI उपकरणों तक पहुंच सीमित करके राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर कर सकते हैं।
इस तरह यह बहस एक बड़े वैश्विक सवाल को उजागर करती है—AI सुरक्षा और रक्षा-खुफिया जरूरतों के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।
