भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपने प्रस्तावित व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दोनों देशों ने समझौते की मुख्य रूपरेखा पर सहमति बना ली है और अब इसे औपचारिक कानूनी दस्तावेज में बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
व्यापक सहमति, कानूनी प्रक्रिया शुरू
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि समझौते की व्यापक रूपरेखा का वर्णन करने वाला एक संयुक्त बयान पहले ही हस्ताक्षरित किया जा चुका है। उनके अनुसार, अब अगला चरण उन सहमत बिंदुओं को एक विस्तृत और कानूनी रूप से बाध्यकारी समझौते में परिवर्तित करना है।
उन्होंने कहा, “अमेरिका के साथ वर्चुअल स्तर पर बातचीत जारी रही है और अगले सप्ताह मुख्य वार्ताकार एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए अमेरिका जाएंगे, ताकि कानूनी ढांचे को अंतिम रूप दिया जा सके। यह कार्य अगले सप्ताह वाशिंगटन में आगे बढ़ेगा।”
मुख्य वार्ताकार का वाशिंगटन दौरा
भारत के मुख्य व्यापार वार्ताकार दर्पण जैन अगले सप्ताह वाशिंगटन डीसी की यात्रा करेंगे, जहां वे आगे की चर्चा जारी रखेंगे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य समझौते के कानूनी मसौदे को अंतिम रूप देना है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्ष मार्च 2026 तक कानूनी समझौते को पूरा करने का लक्ष्य रख रहे हैं। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह एक निर्धारित लक्ष्य है, कोई सख्त समय-सीमा लागू नहीं की गई है।
टैरिफ संशोधनों की समीक्षा
वाणिज्य सचिव ने टैरिफ दरों में संशोधन के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 25% से घटाकर 18% किए जाने वाले टैरिफ समायोजन की प्रक्रिया जारी है। उम्मीद है कि ये बदलाव जल्द पूरे हो जाएंगे और संभव है कि इसी सप्ताह अंतिम रूप ले लें।
सरकारी अधिकारियों ने दोहराया कि भारत और अमेरिका व्यापार समझौते की समग्र रूपरेखा पर सहमत हैं। फिलहाल दोनों देश इन सहमत सिद्धांतों को एक औपचारिक और लागू करने योग्य कानूनी समझौते में बदलने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
