दोषी यौन अपराधी जेफ्री एप्सटीन की न्यूयॉर्क की एक जेल में मौत हो गई थी। लेकिन वर्षों बाद सामने आई रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि उसकी योजनाएं उसकी ज़िंदगी से कहीं आगे तक जाने वाली थीं। बताया गया कि वह “श्रेष्ठ मानव” (सुपीरियर ह्यूमन्स) बनाना चाहता था। इस सोच का केंद्र उसका न्यू मैक्सिको स्थित रैंच था।
2019 की एक रिपोर्ट के अनुसार, एप्सटीन ने अपनी एक चौंकाने वाली कल्पना साझा की थी। वह सांता फे में स्थित अपनी विशाल संपत्ति का इस्तेमाल महिलाओं को अपने शुक्राणु से गर्भवती करने के लिए करना चाहता था। उसका मानना था कि इससे वह अपनी डीएनए के जरिए “मानव जाति में बीज बो” सकता है।
उसकी सोच से परिचित चार लोगों ने बताया कि वह इस योजना के बारे में कई बार बात करता था। हालांकि, इस बात का कोई सबूत नहीं है कि उसने कभी इस योजना को अमल में लाया हो।
वर्षों तक इस विचार पर बात करता रहा
एप्सटीन ने 2000 के शुरुआती वर्षों में इस विचार पर चर्चा शुरू की थी। उसने वैज्ञानिकों और अमीर संपर्कों से कहा था कि उसका रैंच ऐसी जगह बन सकता है, जहां महिलाओं को गर्भाधान कराया जाए और वे उसके बच्चों को जन्म दें। वह अलग-अलग मौकों पर इस विचार को दोहराता रहा।
‘बेबी रैंच’ की बात करीबी लोगों में जानी-पहचानी थी
कुछ विवरणों के अनुसार, ‘बेबी रैंच’ का विचार उसके करीबी लोगों के बीच कोई राज नहीं था। एक सलाहकार ने बताया कि एप्सटीन ने मैनहैटन स्थित अपने टाउनहाउस में एक बैठक के दौरान उसे इस योजना के बारे में बताया था। बाद में उसी सलाहकार ने यह विचार एक प्रसिद्ध कारोबारी व्यक्ति से भी सुना।
एक वैज्ञानिक ने कहा कि 2001 में टाउनहाउस में हुई एक डिनर पार्टी के दौरान एप्सटीन ने इसका ज़िक्र किया था। एक अन्य वैज्ञानिक ने बताया कि 2006 में सेंट थॉमस में आयोजित एक सम्मेलन में भी एप्सटीन ने इस बारे में बात की थी। इन तीनों लोगों को यह विचार अजीब और परेशान करने वाला लगा। हालांकि, उस समय ऐसा कोई संकेत नहीं था कि यह योजना अवैध होगी।
नासा में काम करने वाले बताए गए एक अज्ञात वैज्ञानिक के अनुसार, एप्सटीन ने कल्पना की थी कि सांता फे के बाहर एक दूरदराज़ इलाके में स्थित अपने 33,000 वर्ग फुट के ज़ोरो रैंच में वह एक साथ 20 महिलाओं को गर्भवती करेगा।
ट्रांसह्यूमनिज़्म में रुचि ने उसकी सोच को आकार दिया
एप्सटीन की ट्रांसह्यूमनिज़्म में गहरी रुचि थी। यह क्षेत्र इस बात का अध्ययन करता है कि विज्ञान और तकनीक के जरिए मानव क्षमताओं को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है। आलोचक अक्सर इसकी तुलना आधुनिक यूजीनिक्स से करते हैं—एक बदनाम अवधारणा, जिसका उद्देश्य चयनात्मक प्रजनन के माध्यम से मानव जाति को “सुधारना” था।
उसने कई प्रसिद्ध वैज्ञानिकों और बुद्धिजीवियों से संबंध भी बनाए। इनमें जॉर्ज एम. चर्च शामिल थे, जो जीन संशोधन और “श्रेष्ठ” मानव बनाने की अवधारणा पर काम करने वाले एक जाने-माने आणविक इंजीनियर हैं।
