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सूरजकुंड मेले में झूले के बड़े हादसे में एक की मौत, 13 घायल
सूरजकुंड शिल्प मेले में पेंडुलम झूला टूटकर गिरने से हुए हादसे में लोगों को बचाते समय एक पुलिस इंस्पेक्टर की जान चली गई, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए।

शनिवार शाम फरीदाबाद में आयोजित 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेले में एक दर्दनाक हादसा हुआ। तेज़ रफ्तार में चल रहा पेंडुलम झूला अचानक खराब होकर टूट गया और गिर पड़ा। इस हादसे में एक पुलिस इंस्पेक्टर की मौत हो गई, जबकि कम से कम 13 लोग घायल हो गए।

यह उस रात की एकमात्र दुर्घटना नहीं थी। इससे करीब एक घंटे पहले मेले के गेट नंबर 2 के गिरने की भी सूचना मिली थी, जिसमें एक दर्शक घायल हो गया था।

पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, घायल दर्शक की पहचान सेक्टर-28 निवासी सुमित मल्होत्रा के रूप में हुई है। इस घटना में एक बच्चा भी घायल हुआ। पुलिस दोनों को इलाज के लिए बीके अस्पताल ले गई।

झूला बीच में ही टूटा

झूले की दुर्घटना शाम करीब 6:15 बजे हुई। उस समय झूले पर लगभग 26 लोग सवार थे। अचानक झूले में खराबी आ गई, जिससे अफरा-तफरी मच गई।

इस हादसे में इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद (59) की मौत हो गई। वह मेले में तैनात पुलिस टीम का हिस्सा थे। उनके अलावा दो महिला कांस्टेबलों सहित 12 अन्य लोग घायल हुए।

लोगों को बचाते हुए शहीद हुए इंस्पेक्टर

वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की तैनाती पलवल की पुलिस लाइंस में थी और वह झूला परिसर की सुरक्षा के प्रभारी थे। वह मूल रूप से मथुरा के निवासी थे और मार्च में सेवानिवृत्त होने वाले थे।

पुलिस के अनुसार, झूला बहुत तेज़ गति से चल रहा था, तभी उसका एक हिस्सा अचानक टूट गया। झूला जमीन से करीब 2–3 फीट ऊपर लटका रह गया। दुकानदारों और पुलिसकर्मियों ने तुरंत मदद के लिए दौड़ लगाई। इंस्पेक्टर प्रसाद भी बचाव कार्य में शामिल हो गए।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “कई लोगों को झूले से उतारा जा चुका था और आसपास के लोग गिरे हुए हिस्से को सहारा देकर लोगों को निकालने में मदद कर रहे थे। तभी झूला दूसरे सिरे से भी टूट गया और पूरी तरह जमीन पर गिर पड़ा।”

कई लोग झूले के नीचे फंस गए। अधिकारी ने आगे कहा, “इंस्पेक्टर ने लोगों को बचाने की कोशिश करते हुए अद्भुत साहस दिखाया, लेकिन इस दौरान उनके चेहरे और सिर पर गंभीर चोटें आईं, जिससे उनकी मृत्यु हो गई,” पीटीआई ने रिपोर्ट किया।

एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि पुलिसकर्मी और आम लोग अपनी जान की परवाह किए बिना झूले की ओर दौड़ पड़े। “पुलिस की त्वरित कार्रवाई से कई जानें बच सकीं,” उसने कहा।

पुलिस ने बताया कि इंस्पेक्टर प्रसाद 1989 में हरियाणा सशस्त्र पुलिस में भर्ती हुए थे और उन्होंने 36 वर्षों की सेवा पूरी की। उनके परिवार में पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा हैं। तीनों बच्चे छात्र हैं।

मौके पर पहुंचे अधिकारी, बचाव कार्य शुरू

दुर्घटना के तुरंत बाद उपायुक्त आयुष सिन्हा और एमडी टूरिज्म पार्थ गुप्ता मौके पर पहुंचे। बचाव कार्य तत्काल शुरू किया गया और घायलों के इलाज की व्यवस्था की गई।

घायलों में एएसआई नीलम, महेंद्रगढ़ के सुनील, ग्रेटर नोएडा के हर्ष प्रकाश, राजस्थान के धौलपुर के प्रशांत, फरीदाबाद की अनिशा, और नोएडा सेक्टर-78 की शिवानी व परविंदर शामिल हैं। इसके अलावा, रेस्क्यू के दौरान झूले की ग्रिल कंधे पर लगने से एक स्टॉल संचालक राघव भी घायल हो गया।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस हादसे पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने एक्स (X) पर एक पोस्ट में दिवंगत इंस्पेक्टर के परिवार के प्रति संवेदना जताई और घायलों के समुचित व त्वरित इलाज के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा, “हरियाणा सरकार पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ घायलों और उनके परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए कार्य कर रही है।”