उत्तर प्रदेश में लखनऊ के पास 3.7 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया, जिससे आसपास के इलाकों में हल्के झटके आए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र गोंडा जिले में था और इसकी गहराई 10 किलोमीटर थी।
EQ of M: 3.7, On: 06/02/2026 07:32:01 IST, Lat: 27.36 N, Long: 82.05 E, Depth: 10 Km, Location: Gonda, Uttar Pradesh.
— National Center for Seismology (@NCS_Earthquake) February 6, 2026
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कई क्षेत्रों में झटके दर्ज
एनसीएस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर दो अलग-अलग पोस्ट में बताया कि लगभग उसी समय अन्य झटके भी दर्ज किए गए। उत्तराखंड के बागेश्वर में 3.4 तीव्रता का भूकंप आया, जबकि चीन के शिनजियांग क्षेत्र में 4.4 तीव्रता का एक और भूकंप रिकॉर्ड किया गया।
EQ of M: 3.4, On: 06/02/2026 07:48:37 IST, Lat: 30.05 N, Long: 80.05 E, Depth: 10 Km, Location: Bageshwar, Uttarakhand.
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ये तड़के आए झटके दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ हिस्सों में हाल ही में आए एक अधिक शक्तिशाली भूकंप के कुछ ही दिनों बाद महसूस किए गए।
EQ of M: 4.4, On: 06/02/2026 07:55:00 IST, Lat: 37.99 N, Long: 76.25 E, Depth: 180 Km, Location: Xinjiang.
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हालिया म्यांमार भूकंप का असर सीमाओं के पार
कुछ दिन पहले म्यांमार में 5.9 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था। उस भूकंप का असर भारत में कोलकाता और बांग्लादेश के ढाका सहित कई स्थानों पर महसूस किया गया। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के अनुसार, गोंडा भूकंप की तरह ही म्यांमार का भूकंप भी 10 किलोमीटर (6.21 मील) की गहराई पर आया था। यूरोपीय-भूमध्यसागरीय भूकंप विज्ञान केंद्र (EMSC) के आंकड़ों के अनुसार, उसका केंद्र म्यांमार के अक्याब से लगभग 70 मील पूर्व में था।
भूकंप के लिहाज से संवेदनशील बना क्षेत्र
बांग्लादेश के उत्तरी और दक्षिण-पूर्वी हिस्से भूकंप के प्रति अत्यधिक संवेदनशील माने जाते हैं। इसका मुख्य कारण इस क्षेत्र में भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों का टकराव है, जिससे भूकंपीय गतिविधियों की संभावना बढ़ जाती है।
