प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को उन रिपोर्टों पर गंभीर चिंता व्यक्त की, जिनमें कहा गया है कि यूक्रेन ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आवास को निशाना बनाने की कोशिश की। उन्होंने जोर देकर कहा कि संघर्ष को समाप्त करने और शांति बहाल करने का एकमात्र विश्वसनीय रास्ता कूटनीति ही है। इन रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया देते हुए मोदी ने कहा कि ऐसे घटनाक्रम उस समय तनाव को और बढ़ा सकते हैं, जब लड़ाई जारी है।
X पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “रूसी संघ के राष्ट्रपति के आवास को निशाना बनाए जाने की खबरों से गहरी चिंता हुई है। जारी कूटनीतिक प्रयास ही शत्रुता समाप्त करने और शांति हासिल करने का सबसे व्यवहारिक मार्ग प्रदान करते हैं। हम सभी संबंधित पक्षों से आग्रह करते हैं कि वे इन प्रयासों पर केंद्रित रहें और ऐसे किसी भी कदम से बचें जो इन्हें कमजोर कर सकता है।”
Deeply concerned by reports of the targeting of the residence of the President of the Russian Federation. Ongoing diplomatic efforts offer the most viable path toward ending hostilities and achieving peace. We urge all concerned to remain focused on these efforts and to avoid any…
— Narendra Modi (@narendramodi) December 30, 2025
शांति वार्ताओं से जोड़ रहा है रूस
मोदी का यह बयान रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के उस दावे के एक दिन बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि यूक्रेन ने रूस के नोवगोरोद क्षेत्र में पुतिन के आधिकारिक आवास पर हमला करने की कोशिश की।
लावरोव ने चेतावनी दी कि इस कथित घटना का असर भविष्य की वार्ताओं में रूस के रुख पर पड़ेगा।
ट्रंप की तीखी प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इन रिपोर्टों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। ट्रंप इस समय रूस और यूक्रेन के बीच शांति समझौता कराने की कोशिश कर रहे हैं।
फ्लोरिडा में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि कथित हमले की जानकारी मिलने के बाद वह “बहुत गुस्से में” थे। ट्रंप ने बताया कि पुतिन ने उन्हें फोन पर इस घटना के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने कहा, “आक्रामक होना एक बात है, क्योंकि वे आक्रामक हैं। लेकिन उसके घर पर हमला करना बिल्कुल अलग बात है। यह ऐसा करने का सही समय नहीं है।”
उन्होंने आगे कहा, “मुझे इसकी जानकारी राष्ट्रपति पुतिन से मिली और मैं इससे बहुत नाराज़ था।”
चीन ने संयम बरतने का आग्रह किया
चीन ने भी इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी। उसके विदेश मंत्रालय ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की। रॉयटर्स के अनुसार मंत्रालय ने कहा, “हम पक्षों से आग्रह करते हैं कि वे युद्ध क्षेत्र के विस्तार और तनाव बढ़ाने से बचने के सिद्धांत का पालन करें।”
रूस का ड्रोन हमले का दावा
लावरोव ने कहा कि यूक्रेन ने 28 और 29 दिसंबर को पुतिन के आवास पर 91 लंबी दूरी के ड्रोन दागे। उन्होंने इस कदम को “लापरवाह” बताया और कहा कि इसका जवाब दिया जाएगा, रॉयटर्स ने रिपोर्ट किया।
उन्होंने कहा कि रूसी वायु रक्षा प्रणालियों ने सभी ड्रोन को मार गिराया और नष्ट कर दिया। लावरोव ने यह भी दावा किया कि यह घटना “राज्य प्रायोजित आतंकवाद” के समान है।
यह स्पष्ट नहीं है कि कथित हमले के समय राष्ट्रपति पुतिन उस आवास पर मौजूद थे या नहीं।
यूक्रेन ने आरोपों से किया इनकार
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने मॉस्को के दावों को खारिज कर दिया। उन्होंने इन आरोपों को “पूरी तरह से गढ़ा हुआ” बताया। ज़ेलेंस्की ने कहा कि रूस स्वयं युद्ध समाप्त करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को तैयार नहीं है।
