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लोकसभा में चुनावी सुधारों की बहस के दौरान अमित शाह और राहुल गांधी में तीखी भिड़ंत
संसद में चुनावी सुधारों पर गरमागरम बहस के दौरान अमित शाह और राहुल गांधी के बीच तीखी भिड़ंत हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर मुद्दों से बचने का आरोप लगाया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बीच बुधवार को लोकसभा में चुनावी सुधारों पर हुई बहस के दौरान तीखी नोकझोंक देखने को मिली। बहस तब गरमा गई जब राहुल गांधी ने शाह की बात बीच में रोकते हुए कहा, “मैं आपको चुनौती देता हूँ कि आप मेरी प्रेस कॉन्फ्रेंस पर बहस करें।”

राहुल गांधी ने बहस के दौरान चुनौती दी

चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि सदन को उनकी हालिया मीडिया ब्रीफिंग्स पर भी विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा, “आइए मेरी प्रेस कॉन्फ्रेंस पर बहस करें। अमित शाह जी, मैं आपको मेरी तीन प्रेस कॉन्फ्रेंस पर बहस करने की चुनौती देता हूँ।”

हालांकि, भाजपा नेता अमित शाह ने इस हस्तक्षेप को नकारते हुए स्पष्ट कर दिया कि वह अपने भाषण की संरचना में कोई बदलाव नहीं करेंगे।

शाह का जवाब

अमित शाह ने तीखे स्वर में कहा कि वह विपक्ष द्वारा तय किए गए किसी क्रम में नहीं बोलेंगे। उन्होंने सदन से कहा, “सबसे पहले, मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूँ… मेरा लंबा अनुभव है, और मैं ही अपने भाषण का क्रम तय करूंगा… उन्हें धैर्य रखना चाहिए… मैं हर प्रश्न का उत्तर दूंगा… लेकिन वे मेरे भाषण का क्रम तय नहीं कर सकते।”

इसके तुरंत बाद राहुल गांधी ने उन पर कमजोरी दिखाने का आरोप लगाते हुए कहा, “अमित शाह ने रक्षात्मक प्रतिक्रिया दी, यह एक हिलने-डुलने और डरने की प्रतिक्रिया है।”

राहुल के ‘एच-बम’ दावे पर शाह का पलटवार

टकराव तब और बढ़ गया जब शाह ने मतदाता सूची में हेरफेर को लेकर राहुल गांधी के पूर्व आरोपों का जवाब दिया। राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि हरियाणा में एक ही घर में 501 मतदाता पंजीकृत कर दिए गए हैं। शाह ने कहा कि यह आरोप गलत है और चुनाव आयोग पहले ही इसे स्पष्ट कर चुका है।

शाह ने कहा कि राहुल गांधी ने “5 नवंबर की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि उन्होंने एक ‘atomic bomb’ गिराया है — और उस तथाकथित बम में उन्होंने दावा किया था कि हरियाणा के एक ही घर में 501 वोट दर्ज हैं।”

इसके बाद उन्होंने चुनाव आयोग की रिपोर्ट का हवाला दिया। उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि मकान नंबर 265 कोई छोटा घर नहीं है, बल्कि एक एकड़ में फैला पुश्तैनी परिसर है, जहां कई परिवार रहते हैं। हालांकि हर परिवार को अलग-अलग मकान नंबर नहीं दिए गए हैं, इसलिए हर जगह एक ही मकान नंबर दिखाई देता है। और एक ही परिवार की कई पीढ़ियां साथ रहती हैं। यह नंबरिंग प्रणाली उसी समय से है जब हरियाणा में कांग्रेस सरकार चुनी गई थी। यह कोई फर्जी घर नहीं है।”

दूसरे दिन भी जारी रही बहस

बुधवार को लोकसभा में चुनावी सुधारों पर चर्चा का दूसरा दिन था। विपक्ष लगातार SIR पर बहस की मांग कर रहा था, जिसे सरकार ने पहले टाल दिया था। आखिरकार दोनों पक्षों ने वंदे मातरम् पर चर्चा समाप्त करने के बाद चुनावी सुधारों पर बहस आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।

लोकसभा और राज्यसभा—दोनों सदनों ने मिलकर चुनावी सुधारों की बहस के लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया है।